अनाया एक उम्मीद लेकर यहां से जयपुर गई थी। मुझे कहती थी-पापा बेटी होकर भी मैं बेटों से बढ़कर हूं। एयरफोर्स में जाने के बाद मैं आपकी बीमारी (कैंसर) का इलाज अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल में कराऊंगी। यह कहते हुए झुंझुनूं में अनाया के पिता रविंद्र कुमार शर्मा की आंखों में आंसू आ गए। अनाया जयपुर में महारानी कॉलेज में बीएससी सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। 31 जनवरी को जोधपुर में एयरफोर्स का फिजिकल एग्जाम होना था। इसलिए रोज रनिंग कर रही थी। मंगलवार सुबह जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर तेज रफ्तार थार गाड़ी ने अनाया को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अनाया झुंझुनूं के गुढ़ा इलाके के छोटे से गांव बाजवा रावतका की रहने वाली थी। परिवार में माता-पिता और छोटा भाई है। गुरुवार को घर के पास शोकसभा में बैठे पिता ठीक से बोल नहीं पाए। पिता बोले-कहती थी बेटों से बढ़कर हूं… ‘पापा..आपका इलाज अच्छे हॉस्पिटल में कराऊंगी’
बेटी की मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गुरुवार को गांव बाजवा रावतका में रविंद्र कुमार शर्मा के घर पर बेटी की तीये की बैठक थी। अनाया के पिता कैंसर पेशेंट हैं, पेशे से किसान हैं। रविंद्र कुमार ने कहा- अनाया एक उम्मीद लेकर यहां से जयपुर गई थी। वो मुझे कहती थी-पापा मैं एक दिन ये साबित कर दूंगी कि बेटी होकर भी मैं बेटों से बढ़कर हूं। अनाया कहती थी कि एयरफोर्स में जाने के बाद वह कैंसर का इलाज अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल में कराएगी। अनाया के घर की हालत देख परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। टीचर बोले- होशियार बच्ची थी, सरकार मदद करे
गुरुवार को अनाया के घर के पास चल रही शोकसभा में शामिल होने पहुंचे उसके टीचर और स्कूल संचालक अमन बेनीवाल ने बताया- अनाया ने मेरे स्कूल में पढ़ाई की थी। उसने 12वीं क्लास (सेशन 2023-24) में 97 परसेंट मार्क्स हासिल किए थे। वह बहुत होनहार थी। देश को लेकर उसमें जज्बा था। 12वीं पास करने के बाद वह एयरफोर्स में जाने का सपना लेकर जयपुर गई थी। रिटन एग्जाम क्लियर हो चुका था। फिजिकल एग्जाम 31 जनवरी को जोधपुर में होना था। उसी की तैयारी के लिए रोजाना दौड़ लगाती थी। अमन बेनीवाल ने कहा- परिवार की दशा बहुत दयनीय है। अनाया का छोटा भाई अब 12वीं क्लास में है। उसकी फीस में 60 फीसदी छूट दी है। अनाया के पिता बहुत बीमार रहते हैं और कैंसर पेशेंट हैं। महीने की लाख रुपए की दवाएं आती हैं। हमारी सरकार से यही मांग है कि अनाया के छोटे भाई को सरकारी नौकरी दी जाए। क्लेम का पैसा परिवार को मिले। सरकार अपनी तरफ से साफ मंशा से मदद करे। महारानी कॉलेज की छात्रा थी अनाया
जानकारी के अनुसार- 12वीं में 97 परसेंट मार्क्स लाने के बाद अनाया जयपुर चली गई थी। वहां उसका एडमिशन महारानी कॉलेज में हो गया। वह बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा थी। वायुसेना में जाना उसका पैशन था। उसने पहले अटेम्ट में ही एयरफोर्स के रिटन एग्जाम में पास कर लिए थे। इसके बाद 31 जनवरी को जोधपुर में फिजिकल एग्जाम होना था। इसके लिए अनाया जी-जान से तैयारी में जुटी थी। वह सुबह जल्दी उठाकर रोजाना दौड़ लगाती और एक्सरसाइज करती थी। मंगलवार सुबह भी वह अजमेर पुलिया इलाके में एक्सप्रेस-वे के पास 206 बीघा खेल मैदान की ओर दौड़ लगाकर जा रही थी। इस दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार काली थार ने उसे रौंद दिया। इसके बाद एक और गाड़ी को टक्कर मारी। थार चला रहा ड्राइवर दादी का फाटक के पास कार खड़ी कर फरार हो गया। अधूरा रह गया वर्दी पहनने का सपना 31 जनवरी को एयरफोर्स फिजिकल टेस्ट अनाया के बिना ही होगा। उसकी मेहनत, संघर्ष और वर्दी पहनने का सपना अब केवल परिवार की यादों में बचा है। पिता अब अपनी बेटी की कमी के साथ जीवन की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह खबर भी पढ़ें जयपुर में थार ने 18 साल की लड़की को कुचला:फिर गाड़ियों को मारी टक्कर; एयरफोर्स की फिजिकल परीक्षा की तैयारी कर रही थी जयपुर में एक बार फिर तेज रफ्तार थार गाड़ी का कहर सामने आया है। अब थार ने 18 साल की लड़की को कुचल दिया। इसके बाद भी थार को नहीं रोका और आगे जाकर एक अन्य वाहन को भी टक्कर मार दी। इसके बाद रास्ते में ही थार को छोड़कर भाग गया। (पढ़ें पूरी खबर)

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