टोंक में खुदाई में मिला रहस्यमयी घड़ा ठग ने दबाया था। वह खुद को तांत्रिक कहता था। मामले में पुलिस ने रविवार रात दो आरोपियों को पकड़ा। दोनों युवक नकली सोने की ईंट और बिस्किट से लोगों को झांसे में लेकर ठगते थे। साथ ही तंत्र-मंत्र से जमीन में गड़ा हुआ धन ढूंढने का दावा करते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई खजाना नहीं था, बल्कि दोनों आरोपियों ने लोगों को ठगने के लिए पहले से जमीन में छिपाकर रखा था। घड़े में रखी सोने की ईंट, बिस्किट जैसी दिखने वाली वस्तुएं असल में पीतल और तांबे की नकली सामग्री थी। दोनों आरोपी तांबे पर सोने की परत चढ़ाते थे। दोनों के पास से 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना पकड़ा है। सबसे पहले जानिए- क्या है मामला
3 दिसंबर (शनिवार) को सींदड़ा गांव की देवरी ढाणी में चारागाह जमीन पर पूजा-अर्चना का सामान मिला था। स्थानीय लोगों का यहां कोई खजाना गड़ा होने की आशंका हुई। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने यहां जेसीबी से खुदाई शुरू करवाई। करीब आधा घंटे की खुदाई के बाद 100-150 किलो वजनी काफी पुराना धातु का करीब 2 फीट ऊंचाई और डेढ़ फीट चौड़ाई का घड़ा निकला, जिसमें सोने जैसी धातु के टुकड़े थे। नकली सोना बेचने की फिराक में थे दो युवक
निवाई थाना के ASI राजेंद्र सिंह ने बताया- 4 जनवरी की रात 11:25 बजे गश्त करते हुए टीम के साथ झिलाई बाइपास पुलिया पहुंचे। हमें मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयपुर से टोंक जाने वाली सड़क की निर्माणाधीन सर्विस रोड पर एक कार में दो युवक बैठे हुए हैं, जो नकली सोने को असली बताकर बेचने के फिराक में हैं। पुलिस ने वहां पहुंचकर कार को घेरा और रात के समय सड़क पर खड़े होने का कारण पूछा। ड्राइवर साइड में बैठे युवक ने अपना नाम मुकेश मीणा (32) पुत्र तेजाराम मीणा और उसके साथी का नाम अभिषेक मीणा (24) पुत्र कैलाश मीणा बताया। दोनों ने बताया कि वे टोंक के सींदड़ा गांव की जयनारायण मीणा की ढाणी के रहने वाले हैं। दोनों अभी जयपुर के प्रताप नगर में नीलकंठ महादेव मंदिर के पास रहते हैं। नकली सोने की ईंट और बिस्किट मिले
ASI के अनुसार, दोनों युवक अपने जैकेट की जेब में बार-बार हाथ डाल रहे थे। इसका कारण पूछा तो दोनों घबरा गए। जेब की जांच करने पर मुकेश की दायीं जेब से पीतल जैसी धातु की ईंट (2 किलो 515 ग्राम) और बायीं जेब से दो ढली (गोल वस्तु) (505 और 500 ग्राम) और बिस्किट (97 ग्राम) पीतल के धातु के मिले। अभिषेक की जेब से तीन ढली (511, 504, 510 ग्राम) और एक बिस्किट (100 ग्राम) पीतल जैसी धातु के मिले। दोनों ने पूछताछ में बताया कि वे लोगों को असली सोना देने की कहकर जाल में फंसाते थे और कम दामों में बेचते थे। साथ ही नकली सोने को जमीन में गाड़कर असली धन जमीन में गड़ा होने का झांसा देते थे। दोनों यहां भी ऐसे लोगों को ढूंढ रहे थे जो झांसे में आ जाएं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही कार और उनके पास से मिली धातुओं को जब्त कर लिया। ठगी के लिए जमीन में दबाया था घड़ा
निवाई डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा ने बताया- पूछताछ में ये सामने आया है कि मुकेश मीणा खुद को तत्काल अघोरी महाराज बताता था। दोनों ने चारागाह में मिले घड़े को जमीन में दबाने और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने की बात कबूली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से ठगी की वारदात की है। सरकारी कर्मचारी और प्रतिष्ठित लोगों को बनाते थे निशाना
टोंक डीएसटी प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया- दोनों ठग सरकारी कर्मचारियों और प्रतिष्ठित लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ताकि ठगी के बाद वे बदनामी के डर से शिकायत न करें। मुकेश मीणा खुद को तांत्रिक और अघोरी बताकर लोगों को यह भरोसा दिलाता था कि जमीन में सोना-चांदी का पुराना धन गड़ा हुआ है। लालच में फंसे व्यक्ति से पहले मोटी रकम वसूली जाती, फिर जिस स्थान पर पहले से घड़ा छिपाकर रखा होता, वहां तंत्र-मंत्र का नाटक कर घड़ा बाहर निकालता। इसके बाद झांसे में आए व्यक्ति को 20 दिन तक घड़े को बिना खोले विशेष तांत्रिक क्रियाएं करने की हिदायत दी जाती। जब वह व्यक्ति बाद में सोने की शुद्धता की जांच कराता और नकली निकलता, तो आरोपी यह कहकर बच निकलते कि तुमने तंत्र क्रिया ठीक से नहीं की, इसलिए सोना पीतल बन गया। ….. मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
सोने जैसी चमकीली धातु से भरा घड़ा खुदाई में निकला:लूटपाट मची, कई बेशकीमती टुकड़े गायब होने की आशंका, पुलिस ने मुश्किल से कंट्रोल किया टोंक में एक सुनसान जमीन से निकले रहस्यमयी घड़े को लेकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि इस घड़े में कुछ धातु जैसे टुकड़े हैं। (पूरी खबर पढ़ें…) जमीन से निकले घड़े में थी सुनहरी-ईंटें, फूल बिखरे थे:ग्रामीण बोले- अजीब लकीरों वाला पत्थर लूट ले गए लोग; पुलिस ने पैर रखकर खजाना बचाया पिछले 24 घंटे से टोंक की एक सुनसान चरागाह भूमि पर ग्रामीणों की भीड़ जमा है। यहां एक रहस्यमयी घड़ा मिला था। जिसे प्रशासन ने ट्रेजरी ऑफिस में रखवाया है। ग्रामीणों का दावा है कि घड़े में साबुन की साइज की सुनहरी ईंटें थी। (पूरी खबर पढ़ें…) जहां रहस्यमयी घड़ा मिला,वहां रात में खजाना तलाश रहे लोग:जेसीबी से 50 फीट दूर तक की खुदाई, तहसीलदार बोले- कार्रवाई करेंगे टोंक जिले में जिस जगह रहस्यमयी घड़ा मिला है, वहां ग्रामीण रातभर जेसीबी से गड्‌ढे करके चोरी-छिपे खजाना तलाशते रहे। घड़े वाले गड्‌ढे को दोबारा जेसीबी से खोदा गया था। उससे 50 मीटर दूर एक और 6 फीट का गड्‌ढा खोदा गया था। सोमवार सुबह ग्रामीण पहुंचे तो घटना के बारे में पता चला। (पूरी खबर पढ़ें…)