बठिंडा बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने उसे एम्स अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया था। जीदा गांव में ब्लास्ट हुआ था। बठिंडा जिला पुलिस प्रमुख अमनीत कौंडल ने इस मामले में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी गुरप्रीत सिंह के पास से जेबों वाली एक बेल्ट बरामद हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि वह मानव बम बनकर इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पुलिस प्रमुख ने जानकारी दी कि अब तक कठुआ पुलिस, एएनआई (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और आईबी (खुफिया ब्यूरो) ने आरोपी से पूछताछ की है। ऑनलाइन मंगाई सामग्री से दो विस्फोट हुए थे
उसके बैंक खातों की भी जांच की गई है, जिसमें किसी विदेशी या बाहरी धन के लेनदेन का पता नहीं चला है। मामले की जांच के लिए सेना की बम निरोधक टीम भी घटनास्थल पर पहुंचेगी। गुरप्रीत सिंह को विस्फोट में गंभीर चोटें आई हैं। उसका एक हाथ काटना पड़ा है और शरीर के अन्य हिस्सों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण उसकी हालत स्थिर नहीं है। उसके पिता जगतार सिंह को एम्स अस्पताल से बाबा फरीद मेडिकल कॉलेज फरीदकोट रेफर किया गया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी। बठिंडा में ऑनलाइन मंगाई गई सामग्री से हुए दो विस्फोटों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इन विस्फोटों में एक ही परिवार के बाप-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जीदा गांव की है। घटना 10 सितंबर को हुई, जब गुरप्रीत सिंह ने कुछ सामग्री ऑनलाइन मंगवाई थी। सामग्री के साथ काम करते समय पहला विस्फोट हुआ।
