दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा वेरका बाईपास स्थित आश्रम में आयोजित 2 दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर के दूसरे दिन साधकों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। शिविर के अंतिम दिन आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी मोहनपुरी जी ने जीवन में संतुलन, आत्मिक जागरूकता और सकारात्मक सोच के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्वामी जी ने कहा कि आज का मानव बाहरी संसार में सफलता की खोज में निरंतर भागदौड़ कर रहा है, किंतु स्वयं से जुड़ना भूलता जा रहा है। नियमित ध्यान से मन एकाग्र होता है, विचार शुद्ध होते और व्यक्ति में करुणा तथा धैर्य की भावना का विकास होता है। यही गुण मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं।