पंजाब में आज (14 दिसंबर) जिला परिषद व ब्लॉक समिति के लिए वोटिंग होगी। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगी। चुनाव EVM मशीन नहीं, बल्कि बैलेट पेपर के जरिए होंगे। इसमें पूरे राज्य की 347 जिला परिषदों और 2,838 ब्लॉक समिति के लिए उम्मीदवारों का चुनाव होगा। प्रदेश के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव में करीब 90 हजार कर्मचारी तैनात होंगे। इनमें जिला परिषद के 1280 और ब्लॉक समिति के लिए 8,495 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। वोटिंग के लिए पोलिंग पार्टियां शनिवार रात को ही वोटिंग सेंटरों पर रवाना हो गई थीं। AAP, कांग्रेस, अकाली दल, BJP और BSP अपने-अपने पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ रही हैं। वोटिंग के दौरान डुप्लीकेट बैलेट पेपरों को लेकर राज्य चुनाव आयोग हाई अलर्ट पर है। अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स कर दी गई है। 860 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील
खुफिया और पुलिस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने राज्य में 860 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील और 3,405 को संवेदनशील घोषित किया है। इन सभी केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। निष्पक्ष चुनाव के लिए सीनियर अफसर ऑब्जर्वर बनाए
राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। आयोग के अनुसार पहली बार 23 जिलों में वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं पटियाला, संगरूर, बरनाला, तरनतारन, रूपनगर, जालंधर, कपूरथला और मोगा जिलों में आईपीएस अधिकारियों को भी बतौर पर्यवेक्षक तैनात किया गया है। पंचायत समिति में 340 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पंचायत समिति चुनाव में आम आदमी पार्टी के 340 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 3 और 8 निर्दलीय उम्मीदवार भी बिना मुकाबले जीत गए हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों द्वारा नामांकन दाखिल न करने देने या नामांकन रद्द किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। नकली बैलेट पेपर को लेकर आयोग अलर्ट
वोटिंग के दौरान नकली बैलेट पेपर को लेकर राज्य चुनाव आयोग अलर्ट मोड पर है। आयोग ने बैलेट पेपरों की छपाई, डिस्ट्रीब्यूशन और सिक्योरिटी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में दावा किया गया था कि एक राजनीतिक दल की तरफ से अंबाला में नकली बैलेट पेपर छपाए जा रहे हैं। जिसके बाद आयोग ने अफसरों को कहा कि ऑथोराइज्ड प्रिंटिंग प्रेस से छप रहे बैलेट पेपरों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। अगर कहीं डुप्लीकेट बैलेट पेपर मिले तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। पूर्व कांग्रेसी CM चरणजीत चन्नी ने भी आरोप लगाया था कि AAP ने हर बूथ पर 10% बैलेट पेपर जाली छपवाएं हैं, जिनमें पहले ही AAP के सिंबल के आगे मुहर लगी हुई है। हालांकि, CM भगवंत मान चन्नी के इस आरोप को खारिज कर चुके हैं। सीएम का कहना था कि हार देखकर वह इस तरह की बहानेबाजी कर रहे हैं।
