पिछले माह सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुए चौमूं 19 वर्षीय छात्र रोहित शर्मा के डोनेट किए लिवर पाकर आज एक व्यक्ति को नया जीवन मिला। जयपुर के 47 वर्षीय व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट किए लिवर ने काम करना शुरू कर दिया और डॉक्टरों की देखरेख के बाद मरीज को आज हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी। रोहित का लिवर जिस मरीज को डोनेट किया जो बीते डेढ़ साल से ज्यादा समय से एसएमएस अस्पताल के HPB सर्जरी विभाग में इलाज करवा रहा था। मरीज का लिवर पूरी तरह खराब हो चुका था और उन्हें डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। SOTTO में पंजीकरण के बाद 31 अगस्त को उस मरीज का नंबर आया तो मानो उसे नया जीवन मिला हो। SMS हॉस्पिटल में सफल कैडेवर लिवर ट्रांसप्लांट करने के बाद मरीज को 15 दिन तक डॉक्टरों के गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया। अब मरीज स्वस्थ है, पूरे परिजनों ने डॉक्टर दिनेश भारती (एचओडी, HPB सर्जरी) और उनकी टीम का आभार प्रकट किया। इस जटिल सर्जरी में डॉ. भारती के साथ डॉ. आशुतोष पंचोली, डॉ. राजत जांगिड़, डॉ. सीएस चटर्जी, डॉ. पूनम कालरा, डॉ. ममता शर्मा और डॉ. योगेश मोदी का पूरा सहयोग रहा। इसके अलावा सीटीवीएस टीम में डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सुनील दीक्षित और डॉ. मोहित शर्मा शामिल रहे।