जयपुर में राजस्थान खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ की ओर से आयोजित खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी 2025-26 का गुरुवार को उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार के राज्य निदेशक डॉ. राहुल मिश्र और राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि खादी देश की पहचान है और युवा इसे अपनाकर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। डॉ. मिश्र ने बजाज नगर में प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि खादी हानिकारक रसायन रहित और पर्यावरण हितैषी कपड़े है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि खादी ‘मेक इन इंडिया’ की पहली उपज थी और अब यह युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है, साथ ही देश-विदेश में भी ख्याति प्राप्त कर रही है। ऐसी प्रदर्शनियां उत्पादकों को बाज़ार और उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद चुनने का अवसर प्रदान करती हैं। राजस्थान खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ के अध्यक्ष इंदू भूषण गोइल ने बताया कि भारत सरकार कतिन, बुनकर और खादी से जुड़े हर व्यक्ति को सशक्त बनाने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की मंशा खादी की लोकप्रियता बढ़ाने और आमजन तक इसकी पहुंच सुलभ करने की बताई। राजस्थान खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ के मंत्री और प्रदर्शनी के संयोजक अनिल शर्मा ने जानकारी दी कि यह प्रदर्शनी 20 नवंबर 2025 से शुरू होकर 13 जनवरी 2026 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस प्रदर्शनी में कुल 220 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 132 खादी उत्पाद के और 88 ग्रामोद्योग उत्पाद के हैं। इस अवसर पर राजस्थान खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ के हजारीलाल देवड़ा, भगवती पारीक, मदन लाल नामा, सवाई सिंह, आलम सिंह नेगी, अशोक शर्मा और भुवनेश गौड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। राजस्थान प्रदेश की खादी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में आमजन, अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
