मोहाली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3.55 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी करने के आरोपी वाईखोम रॉबर्ट सिंह को कोर्ट से झटका लगा है। मोहाली की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने कहा कि मामले में ठगी की रकम काफी बड़ी है। साथ ही देश में डिजिटल गिरफ्तारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत देने पर उसके दोबारा इसी तरह का अपराध करने और जांच प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर खाते से निकलवाए 3.55 करोड़ पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी रॉबर्ट सिंह ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता गुरनाम सिंह सलूजा को डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर डराया-धमकाया। आरोपियों ने इस तरीके से शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 3.55 करोड़ रुपए दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जिस खाते में रकम गई, वह कंपनी के नाम पर था जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई, वह ‘रोबिसम क्राफ्टलाइन ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की फर्म के नाम पर पंजीकृत था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रॉबर्ट सिंह और उसके सह-आरोपी इस फर्म के रजिस्टर्ड पार्टनर थे। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में उनकी भूमिका की जांच की। लैपटॉप, 12 चेकबुक और 8 डेबिट कार्ड बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई सामान बरामद किए हैं। इनमें एक लैपटॉप, 12 चेकबुक, 8 डेबिट कार्ड, 6 अलग-अलग स्टांप पेपर, 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 3 साउंड बॉक्स और 2 पीओएस मशीनें भी बरामद की गई हैं। 4 सितंबर से हिरासत में है आरोपी आरोपी वाईखोम रॉबर्ट सिंह निवासी मणिपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह 4 सितंबर 2026 से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। दोबारा ठगी और जांच प्रभावित करने की आशंका कोर्ट ने आदेश में कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आरोपों की गंभीरता और ठगी की बड़ी रकम को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी आशंका जताई कि रिहा होने पर आरोपी दोबारा इसी तरह का अपराध कर सकता है और मामले की निष्पक्ष जांच में हस्तक्षेप कर सकता है। इन धाराओं में दर्ज है केस इस मामले में पंजाब स्टेट साइबर क्राइम थाना, फेज-4, मोहाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 308 और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत केस दर्ज किया गया है।