40 सवारियों से भरी बस बनास नदी में फंस गई। ड्राइवर इसे निकालने का प्रयास करता रहा, लेकिन बस न आगे चली न पीछे। इस दौरान नदी के वेग का पानी बस की खिड़कियों से नीचे बहता रहा। ग्रामीणों को सूचना मिली तो ट्रैक्टर और लोडर लेकर बस तक पहुंचने का प्रयास किया। लेकिन, सफलता नहीं मिलने पर डंपर बुलाया गया। इसके बाद एक-एक कर करीब 40 सवारियों को डंपर में बैठा कर बाहर निकाला। इस दौरान बच्चे सहम गए और अन्य यात्री मदद के लिए गुहार लगाते रहे। मामला सवाई माधोपुर चौथ का बरवाड़ा शिवाड़ मार्ग पर बनास नदी पर बनी डिडायच रपट का गुरुवार शाम 7 बजे का है। यात्रियों को बस में से निकालने में करीब डेढ़ घंटा लगा। सभी-सभी यात्री चौथ का बरवाड़ा में चौथ माता के दर्शन कर लौट रहे थे। यह सभी चित्तौड़ा तहसील फागी जिला जयपुर के निवासी थे। नदी के बहाव में फंसी जानकारी के अनुसार, बनास नदी में बीसलपुर बांध से एक बार फिर से पानी छोड़े जाने के कारण पानी का बहाव तेज हो गया है। गुरुवार दोपहर 3:00 से पानी ज्यादा आने के कारण चौथ का बरवाड़ा शिवाड़ मार्ग बंद हो गया है। शाम करीब 7:00 बजे चौथ का बरवाड़ा से शिवाड़ होकर जयपुर जा रही बस चालक की लापरवाही के चलते नदी के बहाव में जाकर फंस गई। इस दौरान बस के अंदर भी पानी आने लगा तो लोगों ने जोर-जोर से चीख पुकार मचा दी। जिसे सुनकर आसपास से बड़ी संख्या में लोग नदी के किनारे पर पहुंचे, लेकिन पानी ज्यादा होने के कारण लोग कुछ नहीं कर पाए। तस्वीरों में देखिए श्रद्धालुओं का रेस्क्यू डंपर की सहायता से निकाली बस ग्रामीणों ने बताया- करीब आधे घंटे बाद बजरी के काम में आने वाले लोडर एवं ट्रैक्टर ट्राली की सहायता से जैसे तैसे गांव के कुछ युवाओं ने जोखिम उठाकर बस के पास पहुंचने की कोशिश सफल नहीं होने पर डंपर की सहायता से सभी को निकाला गया। सभी-सभी यात्री चौथ का बरवाड़ा में चौथ माता के दर्शन कर लौट रहे थे। यह सभी चित्तौड़ा तहसील फागी जिला जयपुर के निवासी थे। इन्होंने सबसे पहले सवाई माधोपुर स्थित गणेश जी मंदिर में दर्शन किए तथा उसके बाद चौथ का बरवाड़ा दर्शन करने के बाद शिवाड़ जा रहे थे। नहीं थे मौके पर कर्मचारी घटना में लोगों के साथ-साथ मुख्य रूप से प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। यहां ना तो बीसलपुर ना ही ईसरदा बांध से बनास नदी में पानी छोड़े जाने की जानकारी का अलर्ट क्षेत्र में जारी किया गया। ना ही जानकारी होने के बावजूद प्रशासन के द्वारा कोई कर्मचारी नदी के दोनों सिरों पर तैनात किया गया। जिसके चलते हादसा घटित हुआ। गनीमत यह रही की ग्रामीणों की सूझबूझ एवं हिम्मत से बड़ी जनहानि होने से बच गई। यह रहे रियल हीरो घटना में कुछ युवकों की साहस एवं मेहनत से करीब 35 से अधिक यात्रियों की जान बच गई। गांव के गंभीर मीणा, धनराज प्रजापत, बोलता राम, पप्पू, भवानी शंकर, दीपक,रामधन, हेमंत, कालू आदि युवाओं के साथ ग्रामीणों ने सभी की जान बचाई।