अलवर जिले में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (पीयूसीसी) के वाहन चलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों की पालना में चलाए जा रहे ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान के तहत बिना प्रदूषण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं दिया जा रहा है। विभाग की टीमें पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर वाहनों के दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। जिले में अब तक 456 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। पेट्रोल पंपों पर जांच, 27 वाहनों के चालान जिला परिवहन अधिकारी सविता भारद्वाज के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीमें जिले में अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में मोटर वाहन निरीक्षक अल्का ओझा ने अलवर शहर में और मोटर वाहन निरीक्षक अमर सिंह मीना ने राजगढ़ क्षेत्र में पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र नहीं मिला, उनके चालान किए गए। इस कार्रवाई में 27 वाहनों के चालान बनाए गए। साथ ही, बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों को ईंधन दिए बिना ही पेट्रोल पंपों से वापस लौटा दिया गया। परिवहन विभाग की टीमें पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर अभियान की पालना सुनिश्चित कर रही हैं। जिले में अब तक 456 चालान परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, CAQM के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में अब तक 456 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि अभियान के दौरान बिना वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी। वाहन चालकों को पीयूसीसी बनवाने और उसकी वैधता की जांच करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर लगाए जागरूकता बैनर अभियान की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर विशेष बैनर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से वाहन चालकों को बताया जा रहा है कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र रखना जरूरी है। परिवहन विभाग का उद्देश्य नियमों की पालना सुनिश्चित करने के साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण करना है। जिला परिवहन अधिकारी सविता भारद्वाज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदूषण संबंधी नियमों की पालना बेहद जरूरी है। वाहन चालकों को अपने वाहनों का प्रदूषण प्रमाण-पत्र समय पर बनवाना चाहिए। विभाग की ओर से अभियान के तहत जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
