खंडेला में परिवादी को पट्टा जारी नहीं करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सीकर ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने आदेशों की पालना नहीं होने पर खंडेला एसडीएम ज्योत्स्ना खेड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी को समन जारी कर 29 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामला खंडेला के कांवट रोड निवासी भोलूराम को पट्टा जारी करने से जुड़ा है। अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा के अनुसार- जिला उपभोक्ता आयोग ने 31 मई 2012 को नगर पालिका खंडेला, सहायक जिला कलेक्टर खंडेला और जिला कलेक्टर सीकर को परिवादी को पट्टा जारी करने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना नहीं होने पर भोलूराम ने 2014 में आयोग के समक्ष अवमानना प्रकरण पेश किया था। 13 साल पहले भी दिए थे पट्टा जारी करने के आदेश मामले में नगर पालिका खंडेला, एसडीएम खंडेला और जिला कलेक्टर सीकर ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी। राज्य आयोग ने 17 दिसंबर 2013 को परिवादी को एक महीने के भीतर पट्टा जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पट्टा जारी नहीं होने पर परिवादी ने हाईकोर्ट जयपुर में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने तीन महीने में निस्तारण के दिए थे निर्देश अधिवक्ता के अनुसार- हाईकोर्ट जयपुर ने 28 अक्टूबर 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग सीकर को अवमानना शिकायत का तीन महीने में निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं होने और संबंधित अधिकारियों के आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की गई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार बंसल और सदस्य नीतू जांगिड़ ने एसडीएम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने और जिला कलेक्टर को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब करने के आदेश दिए।