दिवाली की सेल में बड़ी छूट देखकर अक्सर हम ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं, जिनकी असल में जरूरत नहीं होती। कभी लगता है कि अभी नहीं खरीदा तो ऑफर हाथ से निकल जाएगा, तो कभी कुछ हजार रुपये बचाने के चक्कर में बजट से ज्यादा खर्च हो जाते हैं। दुकानदार और ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों की इसी सोच का फायदा उठाती हैं। इसके लिए कंपनियां सिर्फ कीमतें कम नहीं करतीं, बल्कि ग्राहकों की साइक्लोजी को ध्यान में रखकर ऑफर तैयार करती हैं। कहीं काउंटडाउन टाइमर दिखाकर जल्दी खरीदने का दबाव बनाया जाता है, तो कहीं कैशबैक, बैंक डिस्काउंट और नो-कॉस्ट EMI के जरिए महंगी खरीदारी को आसान दिखाया जाता है।
