श्रीगंगानगर में पंचायतीराज चुनाव के तहत जिला परिषद के वार्ड 24 से भाजपा प्रत्याशी पृथ्वीपाल सिंह संधू का नामांकन खारिज कर दिया गया। उनके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमे में पांच साल से अधिक कारावास की सजा वाले अपराध के आरोप तय होने के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने यह कार्रवाई की। नामांकन जांच के दौरान कांग्रेस ने भी उनकी उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष गुरशरण सिंह के अनुसार, अब वार्ड 24 से सुभाषचंद्र पार्टी के प्रत्याशी होंगे। जांच में 74 नामांकन खारिज, 150 उम्मीदवार मैदान में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 74 नामांकन निरस्त किए गए हैं। अब जिला परिषद के 39 वार्डों में 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। सोमवार को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई शनिवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन पत्रों की जांच हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने सुनवाई के बाद पंचायतीराज अधिनियम की धारा 19(जी) के तहत पृथ्वीपाल सिंह संधू को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य मानते हुए उनका नामांकन निरस्त कर दिया। 2018 में प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुआ था मुकदमा पृथ्वीपाल सिंह संधू वर्ष 2018 में श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। वर्ष 2023 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। लोकसभा चुनाव के दौरान वे भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें जिला परिषद के जोन नंबर 24 से प्रत्याशी बनाया था। मुख्यमंत्री का रास्ता रोकने के मामले में आरोप तय वर्ष 2018 में सीसी हेड पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का रास्ता रोकने की घटना हुई थी। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद पृथ्वीपाल सिंह संधू सहित अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की ओर से संधू के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं।