कोटा न्यायालय में एक दशक पुराने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट क्रम 4 (ADJ-4) ने पिता-पुत्र समेत 4 आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी रुद्रानंद, उसके बेटे किरण, सूरज और एक अन्य नवीन श्रीवास्तव उर्फ प्रवीण को 7-7 साल के कारावास और 20,500-20,500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इन आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते पड़ोसी के घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला किया था। फरियादी सत्येंद्र सिंह के वकील जितेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि घटना जून 2015 की है। 22 जून की रात 9 बजे करीब सत्येंद्र सिंह विज्ञान नगर स्थित अपने घर परिवार सहित खाना खा रहा था। उसी समय 8-10 लोग घर में घुसे। रात में उनके हाथ में तलवार सरिया और लेफ्ट थे उन्होंने आते ही जान से मारने की नीयत से हमला किया। हमले में मेरे सिर पर गम्भीर चोट लगी। मेरे पिता व मां भी घायल हुए। वकील जितेंद्र ने बताया कि रुद्रानन्द व फरियादी आपस मे पड़ोसी है। आपसी रंजिश में आरोपियों ने हमला किया। 23 जून को फरियादी ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 12 गवाहों के बयान करवाए ओर 21 दस्तावेज पेश किए।