करीब पांच दशक पहले धीरूभाई अंबानी ने आम भारतीयों को शेयर बाजार में निवेश करने का भरोसा दिलाया था। उस दौर में शेयर खरीदना आज जितना आसान नहीं था। कागजी सर्टिफिकेट, ब्रोकर और लंबी प्रक्रिया के बीच रिलायंस ने हजारों छोटे निवेशकों को अपने साथ जोड़ा। अब आकाश अंबानी के नेतृत्व में जियो प्लेटफॉर्म्स उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।