अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस वर्ष गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए विशेष जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति के सचिव एस. प्रताप सिंह ने बताया कि इस जत्थे के लिए भेजे गए 1800 पासपोर्ट में से 1794 संगतों को पाकिस्तान सरकार द्वारा वीजा जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने माननीय राष्ट्रपति और पाकिस्तानी दूतावास का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लगभग शत-प्रतिशत वीजा जारी करके सिख संगत की उम्मीदों पर खरा उतरा है। 4 नवंबर को जत्था रवाना, 13 को वापसी उन्होंने बताया कि यह जत्था 4 नवंबर को अमृतसर स्थित एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होगा और गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब समेत कई पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा। जत्था 13 नवंबर को भारत लौटेगा। श्रद्धालुओं से धार्मिक भावना बनाए रखने की अपील सरदार प्रताप सिंह ने संगत से अनुरोध किया कि वे इस पवित्र तीर्थयात्रा को केवल आध्यात्मिक और धार्मिक भावना से करें, न कि व्यवसायिक उद्देश्य से। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ लोग तीर्थयात्रा के नाम पर व्यवसायिक सामान ले जाते हैं जिससे सिख समुदाय की छवि धूमिल होती है। उन्होंने कहा, हमारी प्रार्थना है कि पूरी संगत केवल गुरु दर्शन की भावना से ही पाकिस्तान जाए। एसजीपीसी कार्यालय से ले सकते हैं पासपोर्ट पिछले साल भारत सरकार ने जत्थे पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे संगत में रोष फैल गया था। एसजीपीसी ने प्रतिबंध का विरोध किया था, जिसके बाद सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा था। प्रताप सिंह ने कहा कि यह सिख संगत की संयुक्त जीत है और अब जब सरकारों ने वीजा जारी कर दिए हैं, तो यह सिख समुदाय के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि संगत 31 अक्टूबर को एसजीपीसी कार्यालय से अपने पासपोर्ट प्राप्त कर सकती है। एसजीपीसी पूरी यात्रा के लिए आवश्यक तैयारियां और प्रबंध कर रही है ताकि संगत को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
