पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लॉ छात्र ने वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर मरण व्रत शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से एडमिशन से पहले लिए जा रहे एफिडेविट के खिलाफ शुरू किया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्ट्डीज विभाग के स्टूडेंट अभिषेक डागर ने ऐलान किया है कि वह तब तक कुछ भी नहीं खाएंगे, जब तक एफिडेविट फाइल करने का फैसला वापस नहीं ले लिया जाता है। एक नवंबर से पंजाब यूनिवर्सिटी में एलुमिनी मीट वीरवार से बाकी संगठन ने भी यूनिवर्सिटी में धरना प्रदर्शन शुरू कर रहे हैं। यह प्रदर्शन तब हो रहे हैं जब एक नवंबर से पंजाब यूनिवर्सिटी में एलुमिनी मीट होने जा रही है। अभिषेक डागर स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन आफ पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंधित हैं और पंजाब यूनिवर्सिटी के कौंसिल में महा सचिव हैं। फरीदाबाद के रहने वाले डागर का कहना है कि इस यूनिवर्सिटी के संघर्ष से ही बड़े बड़े नेता निकले हैं और देश का मार्गदर्शन करते रहे हैं। मगर अब संघर्ष को दबाने का प्रयास हो रहा है। जिसे कोई भी स्टूडेंट बर्दाश्त नहीं कर सकता है। उनका कहना है कि पहले ओपन माइक को बंद किया गया और अब बिना जरूरत की शर्तें लगाकर यूनियन पॉलिटिक्स को खत्म करने का प्रयास हो रहा है। समझें क्या है पूरा विवाद… एफिडेविट में यह है रखी गई शर्तें सभी स्टूडेंट फेडरेशन भी कर चुकी हैं प्रदर्शन का ऐलान
स्टूडेंट फेडरेशन सथ के नेता अशमीत सिंह ने बताया कि विभिन्न छात्र दलों के प्रतिनिधियों, स्वतंत्र छात्रों और पंजाब विश्वविद्यालय कैंपस छात्र परिषद (पीयूसीएससी) के अलावा अन्य संगठन भी यहां पर प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं। सभी की तरफ से वीरवार यानि 30 अक्तूबर 2025 को वाइस चांसलर कार्यालय के मरण व्रत करने का ऐलान किया हुआ है।
