जिला परिषद के वार्ड 28 या 33 के लिए खुद के लिए जिला परिषद सदस्य का टिकट मांगा। खुद को नहीं मिलने की स्थिति में बेटे कुणाल के लिए पैरवी की लेकिन उसका भी जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने टिकट काट दिया। वे होते कौन हैं टिकट काटने वाले शीर्ष नेतृत्व तक हमारी बात पहुंचाते उसके बाद भी टिकट कट जाता तो कुछ नहीं। यह बात सोजत विधानसभा से दो बार विधायक रह चुकी संजना आगरी ने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत में कही। वहीं पूर्व विधायक की नाराजगी पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा- टिकट देने वाला मैं नहीं हूं पार्टी तय करती है। वो हमारी वरिष्ठ नेता हैं, उन्होंने पार्टी के लिए बहुत काम किए हैं। पढ़िए दैनिक भासकर से बातचीत सवाल: टिकट नहीं मिलने का क्या कारण रहा? संजना आगरी ने कहा- जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने शीर्ष नेतृत्व तक उनकी बात नहीं पहुंचाई और उनका टिकट काटा। मेरे बारे में बोला गया कि मैंने निकाय चुनाव में शहर से वोट दिया है। लेकिन ऐसे और भी कई प्रत्याशी है जिन्होंने निगम चुनाव में शहर फिर उन्हें पंचायत चुनाव में टिकट क्यों दिए?। मैं SC वर्ग से आती हूं ओर वार्ड 28 और 33 एससी वर्ग से आरक्षित सीट थी इसलिए टिकट मांगा था। टिकट कटने पर अब तो परिवार के लोग भी कहने लग गए कि दो बार की विधायक रह चुकी हो। वर्तमान में तुम्हारे पास पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी है नहीं। जिला परिषद सदस्य के लिए खुद के लिए टिकट नहीं ला सकी और न ही बेटे को दिलवा सकती। क्या तुम्हारी पार्टी में इतनी भी नहीं चलती तो फिर पार्टी में करती क्या हो। जहां से टिकट मांगा वहां दोनों जगह भाजपा के विधायक हैं फिर टिकट क्यों नहीं कटा? मैंने मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के वार्ड 28 और सोजत क्षेत्र के वार्ड 33 से टिकट मांगा था। लेकिन वहां से शायद विधायक मेरे प्रति मनमुटाव रखते है इसलिए मेरा नाम नहीं भेजा। ऐसे में भाजपा जिलाध्यक्ष को ऑफिस में आकर नाम दिया। ताकि दोनों में से किसी एक वार्ड में उन्हें या उनके बेटे कुणाल को चुनाव लड़ाया जाए। पूर्व विधायक बोली- जिलाध्यक्ष पार्षद का चुनाव हारे, निकाय चुनाव में वोट प्रतिशत कम हुआ पदाधिकारियों के सामने रखूंगी बात पूर्व विधायक ने कहा कि वे अपनी बात जयपुर जाकर पार्टी के पदाधिकारियों के सामने रखेगी। पार्टी उनके लिए सर्वोपरी है। उनका विरोध व्यक्ति विशेष से है पार्टी से नहीं। इसके साथ ही उन्हें संगठन में आगे क्या करना है इसको लेकर भी गाइड लाइन लेगी।
