राजस्थान में कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षाएं 15 अक्टूबर यानी आज से शुरू होनी थीं। स्कूलों में तैयारी हो चुकी थी और कई निजी स्कूलों में पेपर भी शुरू हो गए थे। लेकिन शिक्षा विभाग ने गुरुवार देर शाम अचानक परीक्षा की तारीखें बदल दीं। अब ये परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी। दरअसल, पंचायतीराज चुनाव के लिए चिह्नित स्कूलों को 20 अक्टूबर से पोलिंग के लिए हैंडओवर करना है। ऐसे में इन स्कूलों में परीक्षाएं नियमित रूप से कराना संभव नहीं था। विभाग को परीक्षा की तारीखें पहले ही बदल देनी चाहिए थीं, लेकिन आदेश देर शाम जारी किया गया। इससे स्कूलों में दिनभर असमंजस बना रहा। पंचायतीराज चुनाव के कारण बदला कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार की ओर से 15 अक्टूबर की देर शाम जारी आदेश में परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन की जानकारी दी गई। आदेश के अनुसार, पंचायतीराज चुनाव के कारण कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) की तारीखें बदली गई हैं। अब ये परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होंगी। इससे पहले शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 के अनुसार परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित थीं। निजी स्कूलों में शुरू हो चुके थे एग्जाम परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव का आदेश देर शाम जारी होने से पहले स्कूलों में असमंजस बना रहा। संशोधित तारीखों को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं मिलने के कारण कई निजी स्कूलों ने तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं शुरू कर दी थीं। सरकारी स्कूलों में भी परीक्षा आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब विभाग के आदेश के बाद सभी संबंधित अधिकारियों और स्कूलों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा 9 से 12 तक की परीक्षाएं भी इसी अवधि में राज्य के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में समान परीक्षा योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तारीखें भी पहले बदली जा चुकी हैं। इन कक्षाओं की परीक्षाएं भी 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित होनी हैं। अब कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) का कार्यक्रम भी इसी अवधि में तय किया गया है। दोनों परीक्षाओं में यह है अंतर कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाएं स्कूल अपने स्तर पर आयोजित करते हैं, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की परीक्षाएं समान परीक्षा योजना के तहत शिक्षा निदेशालय की ओर से संचालित होती हैं। कक्षा 9 से 12 तक के लिए प्रदेशभर में एक जैसा पेपर तैयार किया जाता है और उसी के आधार पर परीक्षा लेना अनिवार्य है। वहीं, कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को अपने स्तर पर पेपर तैयार करने की छूट होती है। इन कक्षाओं का टाइम टेबल भी स्कूल अपने स्तर पर बनाते हैं। हालांकि, परीक्षाओं की तारीख शिक्षा विभाग ही तय करता है।
