चूरू जिले में सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद में पिता ने बेटे-बहू की बोलेरो से कुचलकर हत्या कर दी। घटना तारानगर तहसील के चंगोई गांव की मंगलवार रात करीब 12:50 बजे की है। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर लिया है। गाड़ी जब्त कर ली है। बुधवार दोपहर तारानगर थाने में बहू के पीहरवालों ने आरोपी की पिटाई कर दी। पुलिस ने बीच-बचाव कर आरोपी को छुड़ाया। तारानगर डीएसपी रोहित सांखला ने बताया- चंगोई निवासी रामचंद्र जाट (60) का गांव में धर्मकांटा है। वह चंगोई गांव से सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था। लेकिन उसका इकलौता बेटा रविंद्र (40) और बहू महिंद्रा (35) उसे चुनाव लड़ने से मना कर रहे थे। इसी बात को लेकर कई दिन से परिवार में विवाद हो रहा था। मंगलवार रात भी पिता-पुत्र में घर पर झगड़ा हुआ था। इसके बाद रविंद्र और महिंद्रा धर्मकांटा पर चले गए। उनके पीछे रामचंद्र भी पत्नी धर्मा देवी के साथ पहुंच गया। वहां फिर झगड़ा हुआ। वहां से रविंद्र और महिंद्रा घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पीछे से रामचंद्र बोलेरो लेकर आया और दोनों को कुचल दिया। बहू के पिता ने किया मर्डर केस तारानगर थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि महिंद्रा के पिता शीशराम ने रामचंद्र के खिलाफ गाड़ी से रौंदकर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया है। तारानगर के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में बुधवार दोपहर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। घटना के बाद मां हुई बेसुध ग्रामीणों ने बताया कि रविंद्र पंचायत भवन में किराए पर दुकान लेकर ई-मित्र चलाता था। रविंद्र की शादी करीब 13 साल पहले मेलूसर निवासी महिंद्रा से हुई थी। महिंद्रा गृहिणी थी। उनके 11 साल की बेटी मिकारिका है। धर्मकांटा पर हुए झगड़े के दौरान रामचंद्र की पत्नी धर्मा देवी भी मौके पर मौजूद थी। घटना के बाद धर्मा देवी बेसुध हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर बुधवार सुबह तारानगर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ग्रामीण जुट गए। इकलौते बेटे-बहू के मर्डर से ग्रामीण हैरान हैं। चंगोई गांव में मातम पसरा हुआ है। घर से डेढ़ किमी दूर है धर्मकांटा गांव के एक युवक ने बताया कि रामचंद्र का घर गांव के बीच में बना हुआ है। घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर उसका धर्मकांटा है, जिसका नाम रेपसवाल धर्मकांटा है। करीब एक साल पहले ही रामचंद्र ने यह धर्मकांटा बनाया था। धर्मकांटे पर एक परिवार के रहने लायक कमरा, रसोई और बाथरूम बनाए हुए हैं। अभी चुनावी माहौल के चक्कर में घर में विवाद होने के कारण रविंद्र और महिंद्रा दो-तीन दिन से धर्मकांटा पर बने कमरे में सोने के लिए आते थे। मंगलवार रात भी घर में झगड़ा होने के कारण वे दोनों धर्मकांटे पर आ गए थे। जहां रामचंद्र भी पहुंच गया। इसके बाद पिता, बेटे और बहू के बीच चुनाव लड़ने को लेकर झगड़ा गया था। पहले गाड़ी खरीदने-बेचने का काम करता था आरोपी तारानगर के एक युवक ने बताया कि रामचंद्र कुछ साल पहले तक तारानगर में गाड़ियों को खरीदने-बेचने का काम करता था। वह काफी सुलझा हुआ इंसान था। रविंद्र भी समझदार और शांत व्यक्ति था। 16 नवंबर को है सरपंच का चुनाव तारानगर में पंचायत चुनाव के चौथे चरण में वोटिंग है। पंच और सरपंच के लिए 16 नवंबर को वोटिंग होगी। ग्रामीणों के अनुसार, मिखाला ग्राम पंचायत में पहले चंगोई गांव भी शामिल था। परिसीमन के बाद चंगोई को अलग ग्राम पंचायत बना दिया गया था। चंगोई के ग्राम पंचायत बनने के बाद से ही रामचंद्र सरपंच पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा उसे चुनाव नहीं लड़ने की कह रहे थे। वे बार-बार उसे समझाते थे। रामचंद्र के सिर पर चुनाव का जुनून सवार था। जब भी चुनाव की बात होती तो घर में कलह शुरू हो जाती थी।