भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो (Zoho) के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बू इन दिनों काफी चर्चा में हैं। अरबों डॉलर की नेटवर्थ होने के बावजूद वेम्बू गांव में रहते हैं और साइकिल से चलते हैं। वेम्बू ने कहा है कि कंपनी इस साल कर्मचारियों की नियमित वेतन वृद्धि नहीं कर पाएगी। वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि कंपनी ने मार्केटिंग बजट में कटौती की है। कर्मचारियों को भी बता दिया गया है कि इस साल सामान्य तौर पर होने वाली सैलरी बढ़ोतरी संभव नहीं होगी। उन्होंने इसके लिए कर्मचारियों से माफी भी मांगी। उनके मुताबिक, कंपनी में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही सर्वर और डेटा सेंटर से जुड़ा खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने सर्वर की कीमतों में चार गुना उछाल का जिक्र किया। सॉफ्टवेयर कारोबार का भविष्य भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है और दुनिया के मुश्किल आर्थिक हालात दबाव बढ़ा रहे हैं।
