जसोल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में रविवार को शारदीय नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घटस्थापना, हवन और विशेष पूजा-अर्चना की गई। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना हुई। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने मां माजीसा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वैदिक मंत्रों के साथ हुआ हवन-पूजन श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत गणेशपुरी महाराज की मौजूदगी में संस्थान के प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने भक्तों की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन में आहुतियां अर्पित कीं। गाजियाबाद के श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ से आए आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान करवाए। इस दौरान घटस्थापना, कलश पूजन, गणपति पूजन, नवग्रह पूजन, दुर्गासप्तशती पाठ और देवी मंत्र-जाप किया गया। कन्या पूजन कर कन्याओं को फल-प्रसाद और दक्षिणा भेंट की गई। मंदिर परिसर मां माजीसा के जयकारों और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा। संस्थान के अनुसार, नवमी तक प्रतिदिन नवदुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना, दुर्गासप्तशती पाठ, मंत्र-जाप और हवन-पूजन किया जाएगा। नवविवाहित जोड़ों ने भी मां के दरबार में टेका माथा नवरात्र महोत्सव के शुभारंभ पर जसोल धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के दर्शन किए। इस दौरान कई नवविवाहित जोड़ों ने भी मां के दरबार में शीश नवाया और अपने दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि, पारिवारिक खुशहाली और मंगलमय भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। पूर्णिमा तक हर रात जागरण और भजनों की प्रस्तुति संस्थान की ओर से नवरात्र महोत्सव के शुभारंभ से पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि जागरण आयोजित किया जाएगा। इसमें स्थानीय भजन कलाकार मां जसोल की महिमा और भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए इंतजाम मंदिर संस्थान ने नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा और आवागमन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती, कतार प्रबंधन और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था की गई है। गर्मी से राहत के लिए मिस्टिंग सिस्टम, छायादार शेड और मैटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालुओं के लिए जूते-चप्पल रखने, विश्राम गृह और भोजन-प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था भी की गई है। प्रसाद सुरक्षित रखने के लिए टोकन प्रणाली संचालित की जा रही है। श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रसाद जमा कर सकते हैं और दर्शन के बाद टोकन के माध्यम से उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए संस्थान की पार्किंग और रिवर फ्रंट पार्किंग में व्यवस्था की गई है। अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रवेश-निकास मार्ग और दर्शन व्यवस्था की जानकारी भी दी जा रही है। नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष पूजा शारदीय नवरात्र के अवसर पर जसोल स्थित श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान हुए। भगवान महादेव और मां भगवती की आराधना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की गई। रावलगढ़ में संस्थान अध्यक्ष ने दी आहुतियां संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के निजी निवास रावलगढ़ में भी नवरात्र के उपलक्ष्य में विशेष हवन-पूजन आयोजित किया गया। अध्यक्ष ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भक्तों, क्षेत्रवासियों और समाज की सुख-समृद्धि एवं कल्याण के लिए आहुतियां अर्पित कीं। यहां श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ, गाजियाबाद से आए विद्वान आचार्यों और जसोल के स्थानीय पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न करवाए। पालिया के राणी रूपादे मंदिर में घटस्थापना नवरात्र महोत्सव के तहत श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में भी विधि-विधान से घटस्थापना की गई। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन कर श्रद्धालुओं के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई। जसोल धाम, नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, रावलगढ़ और पालिया में हुए धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में नवरात्र का उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
