सिविल सर्जन तरनतारन के कुशल दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पट्टी शहर में एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) और यौन संचारित रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शहर में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई और युवाओं को आकर्षित करने के लिए फ्लैश मॉब (Flash Mob) गतिविधि का आयोजन किया गया। इस विशाल जागरूकता अभियान में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह आयोजन सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) पट्टी, जिला टीबी अधिकारी, जिला एड्स कंट्रोल अधिकारी तरनतारन जिला एड्स प्रिवेंशन एंड कंट्रोल यूनिट (DAPCU) के सदस्य, आईसीटीसी (ICTC), टीआई (TI) और ओएसटी (OST) की विशेष टीमों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कॉलेज से शुरू होकर बाजारों तक पहुंची जागरूकता रैली जागरूकता रैली का शुभारंभ स्थानीय कॉलेज परिसर से हुआ, जो शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होती हुई गुजरी। रैली के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में जागरूकता संदेश वाली तख्तियां और बैनर ले रखे थे। एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस और एसटीआई की रोकथाम पर जोर अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को एचआईवी/एड्स के कारणों, रोकथाम के उपायों, समय पर मुफ्त जांच और एआरटी (ART) केंद्रों पर मिलने वाले इलाज की जानकारी देना था। इसके साथ ही स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को यौन संचारित संक्रमणों (STI) के लक्षणों व उपचार हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) और हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) के बचाव व मुफ्त इलाज के बारे में विस्तार से जागरूक किया। बीमारी से पीड़ित लोगों के प्रति भेदभाव मिटाने का संदेश स्वास्थ्य अधिकारियों ने रैली के दौरान नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्तियों के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बेहद जरूरी है। एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति भी सही समय पर दवाइयां और उचित देखभाल पाकर एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआईवी छूने, साथ खाने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी लक्षण की स्थिति में बिना किसी झिझक के निकटतम सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच अवश्य कराएं।