जगराओं के गांव बुर्ज कुलारा में करीब 57.92 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से करवाए गए छप्पड़ (तालाब) के नवीनीकरण का काम उद्घाटन के महज पांच महीने के भीतर ही विवादों के घेरे में आ गया है। 22 मई को आम आदमी पार्टी की स्थानीय विधायक सरबजीत कौर मानुके द्वारा उद्घाटन किए गए इस प्रोजेक्ट की बदहाल स्थिति और गांव में बनी पानी की निकासी की गंभीर समस्या ने प्रशासनिक दावों की हवा निकाल दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर मौका देखने पहुंचे शिरोमणि अकाली दल (SAD) के हलका इंचार्ज एवं पूर्व विधायक एस.आर. कलेर ने मौके की स्थिति देखकर आप सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। कलेर ने सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर खर्चों का ब्योरा उजागर किया।कलेर ने सवाल उठाया कि अगर लगभग 58 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, तो कुछ ही महीनों में काम ध्वस्त कैसे हो गया और गांव के पानी की निकासी की समस्या जस की तस क्यों बनी हुई है? जानिए कितना खर्च जेसीबी मशीनरी: ₹19.71 लाख लेबर (मजदूरी): ₹8.00 लाख ईंटें: ₹16.19 लाख सीमेंट: ₹2.26 लाख सीमेंट की पाइपें: ₹2.91 लाख डीजल: ₹2.21 लाख ट्रालियां: ₹1.94 लाख रेत, लोहा व सरिया: करीब ₹3.39 लाख

मुफ्त दी ट्रालियों के नाम पर ₹1.94 लाख के बिल पर उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छप्पड़ की सफाई और सेवा के दौरान गांव के लगभग हर घर से एक-एक मिट्टी/गाद उठाने वाली ट्राली नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई थी। इसके बावजूद सरकारी खाते में ट्रालियों के नाम पर ₹1.94 लाख का खर्च दर्शाए जाने से ग्रामीणों ने बड़े स्तर पर धांधली की आशंका जताई है। कलेर ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच, बिल-वाउचरों के मिलान और माप पुस्तिका (Measurement Book) की पड़ताल कराने की मांग की है।
सरपंच का सफाई—काम के दौरान पानी छोड़ने से हुआ नुकसान दूसरी ओर, गांव के सरपंच चमकौर सिंह ने पूर्व विधायक और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरपंच का तर्क है कि जब छप्पड़ का निर्माण कार्य प्रगति पर था, उस दौरान किसी शरारती तत्व द्वारा उसमें पानी छोड़ दिया गया, जिससे काम को भारी नुकसान पहुंचा। सरपंच ने कहा कि इस संबंध में बीडीपीओ (BDPO) को लिखित शिकायत दी जा चुकी है और जल्द ही छप्पड़ का शेष कार्य पूरा करवा लिया जाएगा।