तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने लुधियाना स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंझी साहिब पातशाही दसवीं (आलमगीर) के लंगर हॉल पर हुए हमले पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कुछ शरारती तत्वों द्वारा लंगर हॉल पर ईंट-पत्थरों से किए गए हमले की सख्त शब्दों में निंदा की। गुरु घर पर हमला बर्दाश्त से बाहर, प्रशासन करे सख्त कार्रवाई जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने स्पष्ट किया कि पावन गुरु घर पर इस तरह का हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार और लुधियाना जिला प्रशासन से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कड़ा संज्ञान लेने और इस घिनौनी वारदात में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। कीमती जमीन पर कब्जे को बताया प्रशासन की गंभीर लापरवाही मामले के अन्य पहलुओं पर बात करते हुए जत्थेदार ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा गुरुद्वारा साहिब से संबंधित कीमती जमीन पर कब्जा करने का प्रयास प्रशासनिक व्यवस्था की एक गंभीर चूक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर किसी भी गैर-कानूनी तत्व को इस तरह की असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। ‘सरबत दा भला’ की परंपरा कायम, पर हमले बर्दाश्त नहीं ज्ञाता टेक सिंह ने कहा कि सिख कौम हमेशा ‘सरबत दा भला’ (सभी के कल्याण) के सिद्धांत पर चलती है और गुरु घर के लंगर के दरवाजे हर जरूरतमंद के लिए बिना किसी भेदभाव के 24 घंटे खुले रहते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सिख समुदाय लंगर हॉल या गुरु घर की मर्यादा पर किसी भी तरह के सीधे हमले या अनादर को कतई सहन नहीं करेगा।