पंजाब के मानसा में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक विशाल विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के कई दिग्गज नेता और विभिन्न जन-संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, कॉमरेड हरदेव अर्शी (वरिष्ठ नेता) कुलवंत राय सिंगला (जिला अध्यक्ष) राजविंदर राणा कृष्ण चौहान ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं बदली तो देश भर में बड़ा आदोलन किया जाएगा। चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी तक मामला शांत नहीं होगा। 13 करोड़ से अधिक वोट काटने का आरोप प्रदर्शन के दौरान गठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘एसआईआर’ के नाम पर एक सोची-समझी साजिश के तहत देश भर में 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। नेताओं ने कहा कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका है। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “कठपुतली बन चुका है चुनाव आयोग” विरोध मार्च को संबोधित करते हुए गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था अब निष्पक्ष नहीं रह गई है। नेताओं ने आरोप लगाया, “चुनाव आयोग अब पूरी तरह से एक राजनीतिक दल की कठपुतली बन चुका है और उसी के इशारे पर काम कर रहा है।” उन्होंने मांग की कि ‘एसआईआर’ की इस विवादित प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि यदि ‘एसआईआर’ की प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गया और चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
