भारत अभी भी रूस से ज्‍यादा तेल आयात कर रहा है, लेकिन रूसी करेंसी बढ़ने से भारत को रूसी तेल आयात करने पर ज्‍यादा लागत चुकानी पड़ रही है. इस बीच, भारत ने एक दूसरे देश से आयात बढ़ा दी है.