राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स जोधपुर के सामने एचपीसीएल परिसर में विकास कार्यों पर लगी अंतरिम रोक हटा दी। न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने चंद्रशेखर की याचिका पर यह आदेश दिया। एचपीसीएल को काम आगे बढ़ाने की इजाजत मिली। याचिकाकर्ता ने एचपीसीएल की जमीन एम्स मरीजों की पार्किंग के लिए उपयोग का सुझाव दिया था। हालांकि, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने बताया कि यह जमीन सड़क के दूसरी ओर होने से पार्किंग के लिए सही नहीं है। एम्स से मांगा प्लान कोर्ट ने एम्स को पार्किंग और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी सुविधा का प्लान पेश करने को कहा। एम्स इसके लिए 2016 में काजरी से मिली 67 एकड़ जमीन के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है। केंद्र सरकार को चार सप्ताह में यह प्लान पेश करना होगा। काजरी को भी अपनी योजना की जानकारी देनी होगी। अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।