बाड़मेर एसडीएम और डॉक्टरों के बीच हुआ विवाद रविवार शाम को थम गया। डॉक्टरों का दावा है कि जिला कलेक्टर टीना डाबी की मध्यस्थता के बाद प्रशासन की तरफ से माफी मांग ली गई। इसके बाद हमने हमारा विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। वहीं, एसडीएम का कहना है कि जिला कलेक्टर टीना डाबी की मध्यस्थता में वार्ता हुई। कलेक्टर ने प्रशासन की तरफ से जांच करने गई टीम के काम में रुकावट पैदा करने के बावजूद बड़प्पन दिखाते हुए सुलह करवा दी। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्यूमेंट सीज किए है। दरअसल, जिला प्रशासन को बाड़मेर मेडिकल कॉलेज मे भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। इस पर कलेक्टर टीना डाबी ने 21 अक्टूबर को एक आदेश निकालकर मेडिकल कॉलेज की जांच करने के निर्देश दिए थे। बाड़मेर एसडीएम यथार्थ शिखर, सीएमएचओ विष्णुराम विश्नोई, बीसीएमएचओ, तहसीलदार समेत 7 सदस्यों की कमेटी शनिवार दोपहर करीब 2 बजे निरीक्षण करने के लिए बाड़मेर मेडिकल पहुंची। इस दौरान कॉलेज में चीफ वार्डन और सुरक्षा प्रभारी महावीर चोयल और एसडीएम यथार्थ शेखर के बीच बहस हो गई। डॉक्टरों ने आरोप लगाए कि एसडीएम बाड़मेर ने महावीर चोयल को अपमानित करते हुए अभद्र एवं अमर्यादित व्यवहार किया। डॉक्टर का दावा- एसडीएम ने माफी मांगी डॉक्टर का बताया- शाम को 6 बजे कलेक्टर आवास पर हमें बुलाया। वहां पर एसडीएम की ओर से माफी मांगी गई है। हम तो चाहते है कि जो भी भ्रष्टाचार के आराेप लगाए गए है, उसकी जांच सीबीआई, एसओजी या अन्य किसी भी एजेंसी से करवाई जाए। जो भी दोषी उनके खिलाफ कार्रवाई कर जेल में डाला जाए। कलेक्टर ने बड़प्पन दिखाते हुए आपस में सुलह करवाई है एसडीएम यथार्थ शेखर का कहना है- जिला कलेक्टर टीना डाबी की ओर से डॉक्टर यूनियन के प्रतिनिधि को बुलाया गया। जांच में रुकावट पैदा करने के बावजूद कलेक्टर मैडम ने सभी डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुना। फिर आपस में सुलह करवा दी गई है। प्रशासन की तरफ से कोई माफी नहीं मांगी गई है।