मोगा जिले के कोटईसे खां थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को डिसमिस कर दिया गया है। उन्हें फिरोजपुर रेंज के विजिलेंस ब्यूरो ने 50 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। फरीदकोट रेंज की आईजी निलांबरी जगदले ने यह कार्रवाई की है। विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर रेंज ने 26 सितंबर को इंस्पेक्टर सुनीता बावा को उनके गनमैन सहित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया था। बिचौलियों की भी तलाश हो रही विजिलेंस में यह भी जांच जारी है कि पुलिस विभाग या बाहरी लोगों में ऐसे कौन लोग हैं, जो इस तरह के मामलों में मिलीभगत या मध्यस्थता करते थे। किन लोगों के जरिए मामलों को रफा-दफा किया जाता था। इसकी एक-एक कड़ी जोड़ी जा रही है। वहीं, एक महिला इंस्पेक्टर के पास अवैध कमाई का कितना साम्राज्य है, यह जानने के लिए विजिलेंस अब उनकी संपत्तियों की फाइलों को खंगाल रही है। सुनीता बावा और उसके परिवार के नाम पर दर्ज मकान, प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टी या कृषि भूमि के कागजात जुटाए जा रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति का एंगल विजिलेंस इस बात की जांच कर रही है कि उसकी वैध सैलरी के मुकाबले उनकी संपत्ति में कितना असंतुलन है। यदि उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है, तो आने वाले दिनों में उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और नया मामला दर्ज किया जा सकता है। उसके और उसके करीबियों के बैंक खातों, फिक्स डिपॉजिट और बैंक लॉकरों की जानकारी हासिल करने के लिए बैंकों को पत्र लिखने की तैयारी कर ली है।
