तरनतारन के भट्ठल फार्म, नौशहरा पन्नूआं में कृषि विभाग द्वारा विशाल किसान मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य संदेश ‘पराली नहीं, यह है पूंजी, सही संभाल है खुशहाली की कुंजी’ रहा। मेले का औपचारिक शुभारंभ खेमकरण के विधायक सरवन सिंह धुन्न ने किया। इस दौरान किसानों को आधुनिक खेती और पराली प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया गया। किसानों को संबोधित करते हुए विधायक सरवन सिंह धुन्न ने पराली न जलाने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल वातावरण दूषित होता है और सांस की बीमारियां बढ़ती हैं, बल्कि जमीन की उपजाऊ शक्ति भी घटती है। उन्होंने किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, स्मार्ट सीडर, मल्चर और बेदरद जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर पराली का सही प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि सरकार भूजल स्तर में सुधार के लिए हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। सब्सिडी के आंकड़े भी साझा किए गए: पराली प्रबंधन उपकरण: जिले में पराली प्रबंधन की मशीनों पर किसानों को 9 करोड़ 80 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई। फसल विविधीकरण: धान के चक्र से बाहर निकलकर ‘सोनी मक्का’ लगाने वाले किसानों को 22 लाख 40 हजार रुपये वितरित किए गए। सीधी बिजाई (DSR): धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों को 41 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई। कृषि विशेषज्ञों ने दिए रबी फसलों के टिप्स, स्टॉलों पर उमड़े किसान मेले में डॉ. तेजबीर सिंह भंगू ने कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कृषि विशेषज्ञों ने आगामी रबी फसलों की उन्नत खेती, सही बुवाई की तकनीक और कीटों व बीमारियों से बचाव के उपाय साझा किए। मेले में कृषि मशीनों और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए सूचनात्मक स्टॉल किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में पट्टी के प्रभारी जसकरन सिंह गिल (रुस्तम-ए-हिंद) और लेबरफैड चेयरमैन शेर सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा डॉ. भूपिंदर सिंह, कृषि अधिकारी डॉ. गुरिंदरजीत सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।