अजमेर में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फर्जी प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) कराने वाले आरोपी को गंज थाना पुलिस ने केंद्रीय कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी मेल आईडी बनाकर स्कूल की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर हूबहू असली जैसे दिखने वाले ट्रांसफर और डेपुटेशन ऑर्डर भेजता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने AI टूल्स और यूट्यूब की मदद से ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करना सीखा था। गंज थाने के एएसआई भवानी सिंह ने बताया कि 23 अगस्त 2024 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अजयसर के प्रधानाचार्य विजय जैन ने रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि स्कूल की अध्यापिका सुमन देवी के नाम भादरा स्कूल के लिए प्रतिनियुक्ति आदेश आया था। आदेश को अजमेर कार्यालय और बीकानेर निदेशालय से सत्यापित कराया गया तो वह फर्जी निकला। फर्जी मेल आईडी बनाकर स्कूल की मेल पर भेजता था आदेश मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच और कंपनियों से मिले डेटा के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। जांच में सामने आया कि आरोपी सौरभ शर्मा ने फर्जी ईमेल आईडी तैयार की और उसी के जरिए स्कूल की ऑफिशियल मेल आईडी पर फर्जी ट्रांसफर/डेपुटेशन ऑर्डर भेजे थे। AI टूल्स से तैयार करता था हूबहू असली जैसे दस्तावेज पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल और AI टूल्स की मदद से सरकारी आदेशों का फॉर्मेट तैयार करता था। यूट्यूब से भी फर्जी दस्तावेज तैयार करने का तरीका सीखता था। इसके बाद असली सरकारी आदेश की तरह दिखने वाले दस्तावेज तैयार कर शिक्षकों को भेजता और उनके भरोसे में लेकर रकम ऐंठता था। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का भी आदी है और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए इस तरह का फर्जीवाड़ा करता था। मांगलियावास थाने में भी दर्ज है फर्जीवाड़े का केस सौरभ शर्मा को गंज थाना पुलिस ने केंद्रीय कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। इससे पहले मांगलियावास थाना पुलिस ने भी फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी पर दो अध्यापिकाओं के फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने का आरोप है। गंज थाना पुलिस अब आरोपी से अन्य मामलों और इस तरह की दूसरी वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है।
यह खबर भी पढ़ें…. अजमेर में मनमर्जी से डेपुटेशन, 2 टीचर निलंबित:* निदेशालय के नाम से फर्जी आदेश बनाया; अब सभी की होगी जांच
