पंजाब में भीषण गर्मी और मॉनसून की कमी के बीच बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके बावजूद राज्य में पिछले तीन दिनों से एक भी पावर कट नहीं लगा है। मंगलवार शाम खन्ना में मीडिया से बातचीत करते हुए पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के तहत मान सरकार ने राज्य में बढ़ती बिजली की मांग को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए किसानों, आम जनता और उद्योग जगत को बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली सप्लाई दी है। किसानों को 8 की जगह 10 घंटे रोजाना बिजली आपूर्ति बिजली मंत्री ने बताया कि धान की फसल इस समय पकने के अंतिम चरण में है, जिसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी और बिजली की आवश्यकता है। किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को रोजाना 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है। मंत्री सौंद ने इसे पंजाब के इतिहास में किसानों को दी जाने वाली अभूतपूर्व अतिरिक्त बिजली आपूर्ति बताया। तकनीकी खराबी के बावजूद पावर ग्रिड को रखा मजबूत सौंद ने खुलासा किया कि हाल ही में निजी क्षेत्र के दो थर्मल प्लांटों में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस चुनौती के बावजूद सरकार ने राज्य की बिजली आपूर्ति पर कोई आंच नहीं आने दी। संबंधित कंपनियों पर दबाव बनाकर और बिजली विभाग के इंजीनियरों व तकनीकी कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत से प्लांटों को रिकॉर्ड समय में दोबारा शुरू करवाया गया। वर्तमान में दोनों निजी थर्मल प्लांटों के साथ-साथ पंजाब सरकार के अपने सभी 10 यूनिट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। 17,300 मेगावाट की ऐतिहासिक रिकॉर्ड मांग को किया पूरा सितंबर महीने के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बिजली मंत्री ने बताया कि आमतौर पर इस महीने में राज्य की बिजली मांग 13,000 मेगावाट के आसपास रहती है। हालांकि, इस साल मॉनसून में आई कमी के कारण बिजली की मांग बढ़कर 17,300 मेगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंच गई, जो सामान्य से लगभग 4,000 मेगावाट अधिक है। इस अभूतपूर्व मांग और विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में बिजली का संकट पैदा नहीं होने दिया।
