‘मैं करीब डेढ़ साल से सही से खड़ा भी हो पाता। पत्नी ही पूरा घर चला रही थी, लेकिन वन विभाग की लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई है…।’ ‘मैं BSC की पढ़ाई कर रहा हूं। पढ़-लिखकर मां को गर्व महसूस कराना चाहता था, लेकिन उनका साथ ही छूट गया। आज सुबह से उनकी तस्वीर आंखों के सामने घूम रही है…। ’ ये दर्द जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) में टाइगर शिवाजी का शिकार हुई महिला सुगना देवी के परिवार का है। वे आज सुबह करीब 8 बजे अपनी साथी 6 महिलाओं के साथ बायोलॉजिकल पार्क में घास की कटाई के लिए गई थी। तब टाइगर उन्हें खींचकर ले गया और मार दिया। हादसे के बाद से प्रत्यक्षदर्शी महिलाएं भी डरी हुई हैं। पढ़िए- परिवार क्या बोला… डेढ़ साल से पत्नी ही चला रही थी घर सुगना देवी के पति शंभु दयाल ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले एक हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया था। ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता हूं। ऐसे में पत्नी सुगना ही मजदूरी कर परिवार का खर्च चला रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की लापरवाही के कारण पत्नी की जान चली गई। बेटे बोले- मां की तस्वीर आंखों के सामने आ रही बड़ा बेटा राहुल ग्रेजुएशन कर चुका है। उसने कहा कि जिन लोगों की लापरवाही के कारण उनकी मां की मौत हुई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं छोटे बेटे रूपेश ने मां को याद करते हुए कहा कि वह पढ़-लिखकर अपनी मां को गर्व महसूस कराना चाहता था, लेकिन अब उसका सबसे बड़ा सहारा छिन गया है। उसने कहा कि बुधवार सुबह की मां की तस्वीर ही उसकी आंखों के सामने घूम रही है और परिवार को समझ नहीं आ रहा कि अब वे मां के बिना कैसे रहेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल… बाघ को भगाने की कोशिश की सुगना देवी अपनी साथी महिलाओं के साथ काम पर गई थी। हादसे के बाद वे डरी हुई है। भास्कर से बात करते हुए प्रत्यक्षदर्शी महिला मजदूर छोटी देवी ने कहा कि जब वह कटी घास लेकर आ रही थी। तब उसे पता चला कि बाघ को खोल दिया गया है। जब बाघ उनकी तरफ बढ़ने लगा तो उसने दांतली से उसे भगाने की कोशिश भी की, लेकिन साथियों ने उसे वहां से भागने को कहा। इसके बाद सभी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। सुगना देवी पीछे रह गई, टाइगर ने गर्दन दबोची प्रत्यक्षदर्शी रुक्मणी ने बताया कि सभी महिलाएं जान बचाने के लिए भागी और जाली पर चढ़ने लगीं। सुगना देवी सबसे पीछे रह गई थी। तब बाघ ने उन्हें पकड़ लिया और गर्दन पर हमला कर दिया। रुक्मणी ने कहा कि अगर वे पेड़ और जाली पर नहीं चढ़ती तो अन्य महिला मजदूर भी बाघ के हमले का शिकार हो सकती थी। गनीमत रही कि टाइगर एन्क्लोजर से बाहर नहीं निकला, वरना आज पार्क में मौजूद पर्यटकों पर भी हमला कर सकता था। शिकार के बाद एक घंटे तक एन्क्लोजर में ही रहा बाघ स्थानीय निवासी कजोड़मल सैनी ने बताया कि घटना सुबह करीब 8:30 से 8:45 बजे के बीच की है। उनके अनुसार- बाघ पिंजरे में बंद था और दरवाजा खुलने के बाद वह बाहर आया था। इसके बाद उसने वहां काम कर रही महिलाओं पर हमला कर दिया और सुगना देवी को गर्दन से पकड़कर आगे की तरफ घसीट ले गया। घटना के करीब एक घंटे बाद तक बाघ एन्क्लोजर में ही रहा। जब वह घूम रहा था, तब अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक सुगना देवी की मौत हो चुकी थी। विधायक बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने कहा कि मामले में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मृतका के परिवार को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता दिलाने की बात कही। मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग की जाएगी। वहीं डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर आशीष कुमार ने कहा कि बाघ को डिस्प्ले एरिया में भेजने का समय होने पर कराल का दरवाजा खोला गया था। इसी दौरान एन्क्लोजर में मौजूद महिला मजदूरों पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। — हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- जयपुर के चिड़ियाघर में टाइगर का हमला, महिला की मौत:बाड़े में घास काटने घुसी थी, साथियों का दावा- किसी ने जानबूझकर पिंजरे का गेट खोला
