पोकरण (जैसलमेर): जैसलमेर जिले में पोकरण एरिया के तहत आने वाले गांव बोनाड़ा की पगडंडियों पर हर सुबह एक 19 साल का लड़का देश सेवा का सपना आंखों में संजोए दौड़ता था, नाम था गोपाल सिंह। पसीने से तरबतर चेहरा, सीने में जुनून और हाथों में भारत माता की सेवा का जज्बा। उसकी मेहनत रंग लाई और महज दो महीने पहले परिवार ने नम आंखों, लेकिन गर्व से चौड़े सीने के साथ उसे राजपूताना राइफल्स की वर्दी में दिल्ली प्रशिक्षण के लिए विदा किया था। लेकिन किसे मालूम था कि जिस दौड़ ने उसे सैनिक बनने का रास्ता दिखाया, वही दौड़ उसकी जिंदगी की आखिरी दौड़ बन जाएगी।