अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘उड़ान-2026’ का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक तिलक और बैज के साथ हुए आत्मीय स्वागत के बीच करीब 3000 नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुई। विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही नवप्रवेशित विद्यार्थियों का ढोल-नगाड़ों की थाप और भारतीय परंपरा के अनुरूप तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय में अपने नए सफर के पहले दिन विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और भविष्य को लेकर उत्साह साफ नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल खोसला ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया और कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने ‘भारत की शक्ति–युवा राष्ट्र’ की अवधारणा पर जोर देते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। एयर मार्शल अनिल खोसला ने कहा कि आज के युवाओं में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्या समाधान, संकट प्रबंधन, समय प्रबंधन, सहनशीलता और आत्म-अनुशासन जैसे गुणों का होना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश को सुरक्षित, समृद्ध, प्रगतिशील और तकनीक से सशक्त राष्ट्र के रूप में देखना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से इस राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, लगातार सीखते रहने और चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आज विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे युवाओं के हाथों में है और उनकी सोच, कौशल तथा नेतृत्व क्षमता आने वाले भारत की दिशा तय करेगी। इस अवसर पर अपेक्स यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. रघुवीर सिंह ने भी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं देते हुए अपने लक्ष्यों के प्रति निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और भविष्य को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। विश्वविद्यालय के डायरेक्टर वेदांशु जूनिवाल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘उड़ान-2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न पाठ्यक्रमों, विभागों, सुविधाओं, गतिविधियों और परिसर की संस्कृति से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का भरपूर लाभ उठाने और अपने ज्ञान, कौशल एवं प्रतिभा को लगातार विकसित करने का आह्वान किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां ओरिएंटेशन कार्यक्रम का माहौल उस समय और भी जीवंत हो गया, जब विद्यार्थियों के लिए भारतीय लोकगीतों से लेकर बॉलीवुड संगीत तक की रंगारंग प्रस्तुतियां पेश की गईं। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों पर नवप्रवेशित विद्यार्थी जमकर झूमे। कई प्रस्तुतियों के बाद पूरे परिसर में ‘वन्स मोर… वन्स मोर…’ की गूंज सुनाई देती रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के उत्साह को और बढ़ा दिया। नए दोस्त, नया परिसर और विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत के बीच विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में जमकर भागीदारी की।
