जयपुर। हाईकोर्ट ने जयपुर की जीवनदायिनी कहे जाने वाले रामगढ़ बांध व उसके प्रवाह क्षेत्र को भू-माफिया और रसूखदारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए सख्ती दिखाई है। कोर्ट भी बांध के कैचमेंट (भराव) एरिया में 386 अतिक्रमण (अवैध निर्माणों और रसूखदारों के कब्जे) का डेटा देखकर दंग रह गया। इसमें निम्स यूनिवर्सिटी के अलावा तीन रिसॉर्ट और दो एलएलपी कंपनियों के सिक्स स्टार लैण्डस्कैप प्रा. लि. व प्लासिविल प्रोपर्टी बिल्ड एलएलपी नई दिल्ली के भी अतिक्रमण बताए हैं।
