अरावली पर्वतमाला के पहाड़ों की 100 मीटर की नई परिभाषा तय होने के बाद सुप्रीम कोर्ट (SC) द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी अब उदयपुर आ रही है। पिछले दिनों इस मुददे पर खासा विरोध हुआ था लेकिन अब अरावली को लेकर आप अपनी राय सीधे इस कमेटी के समक्ष दे सकते है। उदयपुर में ये कमेटी सोमवार को आम जन और खनन से जुड़े लोगों का पक्ष सुनेगी। सुबह 10 बजे जिला परिषद सभागार में होने वाली बैठक में बैठक अरावली पर्वतमाला एवं उससे संबंधित पर्यावरणीय, पारिस्थितिक तथा खनन संबंधी विषयों के परीक्षण एवं आवश्यक अनुशंसाएं ली जाएगी। बैठक में कौन शामिल हो सकता है जाने बैठक में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, खनिज पट्टाधारकों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य सभी हितधारक शामिल हो सकते है। आप वहां अपने सुझाव एवं व्यावहारिक अनुभव समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। आगे क्या होगा इस समिति को प्राप्त सभी सुझावों एवं अभिमतों का विधिवत परीक्षण कर उन्हें अपनी अनुशंसाओं में सम्मिलित करने पर विचार किया जाएगा। इसी के आधार पर अरावली क्षेत्र से संबंधित भविष्य की अनुशंसाएं संतुलित, वैज्ञानिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं जनहितकारी हो सकेंगी। पहले हो चुका है विरोध
उल्लेखनीय है कि करीब आठ महीने पहले अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर उदयपुर में भी बड़े स्तर पर विरोध हुआ था। अरावली की नई परिभाषा से 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली मानने को लेकर खासा विरोध हुआ था। कई ज्ञापन उच्च स्तर पर भेजे गए थे।