अमेरिका के शिकागो में हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ स्टेट लेजिस्लेचर्स (NCSL) में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे विधायक भीमराज भाटी ने पाली की समस्याओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। वे कॉन्फ्रेंस में राजस्थान विधानसभा के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए थे। बुधवार को पाली पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। पाली विधायक सेवा केंद्र में मीडिया से बातचीत करते हुए भाटी ने अमेरिका दौरे के अनुभव बताए। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उन्होंने पाली की पेयजल समस्या, बांडी नदी प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाए। ट्रेन से पानी आने की बात बताई तो विदेशी प्रतिनिधि हुए हैरान
विधायक भाटी ने बताया कि शिकागो में उन्होंने पाली के पेयजल संकट की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पाली में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे समय में जोधपुर से ट्रेन के जरिए पेयजल पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी सुनकर वहां मौजूद प्रतिनिधि हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी पेयजल संकट होना चिंता का विषय है। भाटी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान सरकार यदि ठोस प्रस्ताव बनाकर भेजती है तो पेयजल समस्या के समाधान में सहयोग दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं है। बांडी नदी प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया
विधायक ने बताया कि उन्होंने पाली की बांडी नदी और नेहड़ा बांध की स्थिति के बारे में भी प्रतिनिधियों को बताया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी से नदी और आसपास के क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के कारण किसानों की जमीन पर भी असर पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग भी मांगा। एआई के इस्तेमाल और कानून पर हुई चर्चा
भाटी ने बताया कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाला समय एआई का है। उन्होंने सवाल उठाया कि एआई से फर्जी फोटो और वीडियो बनाकर किसी की छवि खराब की जा सकती है। विशेषज्ञों ने माना कि इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर गाइडलाइन बनाने की जरूरत है। साथ ही इंटरनेशनल लेवल पर एक कानूनी भी बनाया जाए। अमेरिका की व्यवस्थाओं से प्रभावित हुए
भीमराज भाटी ने कहा कि अमेरिका का यह उनका पहला दौरा था। वहां की तकनीक, शिक्षा और व्यवस्थाओं को देखकर लगा कि भारत को अभी कई क्षेत्रों में आगे बढ़ना है। उन्होंने बताया कि उन्होंने उस हॉल का दौरा किया, जहां स्वामी विवेकानंद ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने ऐसे स्कूल को भी देखा, जहां से 124 नोबेल पुरस्कार विजेता निकले हैं। इसके अलावा उन्होंने समुद्र किनारे स्थित संग्रहालय देखा और वहां के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। पाली के मुद्दों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास
विधायक भाटी ने कहा कि विदेश दौरे का उद्देश्य केवल अनुभव लेना नहीं था। उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पाली की पेयजल और प्रदूषण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

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