लुधियाना रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित पुलिस विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा जमाने के लिए फर्जी चोरी की वारदात रचने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि कथित आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिलाया, ताकि बाद में पुलिस शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संपत्ति पर अपना कब्जा साबित किया जा सके। मामले में थाना डिवीजन नंबर-1 पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रिकॉर्ड कीपर ने दर्ज करवाया केस पुलिस के अनुसार यह मामला पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना में रिकॉर्ड कीपर के रूप में तैनात बलजीत सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि 2 जून 2026 को प्राप्त शिकायत संख्या PGD No. 827063/826813 की जांच के दौरान उनसे टायर मार्केट, लकड़ बाजार स्थित दुकान नंबर 90/3 (903/8) के रिकॉर्ड संबंधी जानकारी मांगी गई थी। रिकॉर्ड में पुलिस विभाग की निकली संपत्ति जांच के दौरान रिकॉर्ड की पड़ताल में सामने आया कि संबंधित दुकान पुरानी पुलिस लाइन की सीमा के भीतर स्थित पुलिस विभाग की संपत्ति है। इसके बावजूद आरोपी अब्दुल रशीद खुद को उक्त संपत्ति का मालिक बताकर उस पर अपना कब्जा होने का दावा कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज से खुला राज पुलिस जांच के दौरान शिकायत के साथ उपलब्ध कराई गई सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। जांच अधिकारियों ने पाया कि कथित चोरी की घटना वास्तविक नहीं थी। फुटेज में दिखाई देने वाले दोनों व्यक्ति इंदु शेखर उर्फ कांचा और गुलशन उर्फ गग्गू थे, जिन्हें कथित तौर पर योजना के तहत दुकान में भेजा गया था। पुलिस का आरोप है कि पूरी वारदात का मकसद चोरी का मामला दर्ज कराकर पुलिस रिकॉर्ड में संपत्ति से अपना संबंध स्थापित करना और भविष्य में उस आधार पर कब्जे का दावा मजबूत करना था। तीन आरोपियों पर मामला दर्ज पुलिस ने मामले में इंदु शेखर उर्फ कांचा निवासी मेला सिंह एंड संस के पास, टायर मार्केट, गुलशन उर्फ गग्गू निवासी 903/4, मेला सिंह एंड संस के पास, टायर मार्केट, अब्दुल रशीद निवासी पेप्सी वाली गली, मोहल्ला सदियाना मलेरकोटला को केस में नामजद किया है। थाना डिवीजन नंबर-1 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 62, 329(3), 331(3), 305 और 324(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध दस्तावेजों तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।