भरतपुर में शुक्रवार को युवाओं ने नीट पेपर लीक के विरोध में ट्रैफिक चौराहे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन के बाद पांच युवाओं के प्रतिनिधिमंडल को जिला प्रशासन को ज्ञापन देने के लिए अंदर जाने की अनुमति दी गई। ट्रैफिक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च युवाओं ने सबसे पहले ट्रैफिक चौराहे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कुछ देर प्रदर्शन के बाद पांच युवाओं के प्रतिनिधिमंडल को ज्ञापन देने के लिए अंदर भेजा गया। डॉक्टर नीरज बोले- स्टूडेंट्स सालों मेहनत करते हैं प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर नीरज ने कहा कि वह युवाओं के भविष्य को लेकर यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा की तैयारी में दो से तीन साल का समय लगता है। एक साल की तैयारी पर कम से कम तीन लाख रुपए फीस खर्च होती है। इतनी मेहनत के बाद जब स्टूडेंट्स को पता चलता है कि पेपर लीक हो गया, तो कई स्टूडेंट्स मानसिक तनाव में आ जाते हैं और सुसाइड तक करने के लिए तैयार हो जाते हैं। सरकार पर लगाए गंभीर आरोप डॉक्टर नीरज ने कहा कि नीट के 23 स्टूडेंट्स सुसाइड कर चुके हैं और इसके लिए उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप था कि सरकार आज भी पेपर लीक के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री समय-समय पर ‘मन की बात’ करते हैं, लेकिन स्टूडेंट्स की बात नहीं करते। संसद और जंतर-मंतर का भी किया जिक्र उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया, लेकिन प्रधानमंत्री ने सवालों का जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि अब स्टूडेंट्स सब समझ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा आज भी गुलामी की लकीरों पर चल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पीटा जा रहा है। लाठीचार्ज और आवाज दबाने के लगाए आरोप प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उनका कहना था कि अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी युवाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।