विवादित सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में सिलेक्ट हुआ था, जिसके बाद लोगों ने मुझे शक की नजर से देखना शुरू कर दिया। पड़ोसी और रिश्तेदार बातें बनाने लगे। परिवार को भी बहुत कुछ सुनना पड़ा। लेकिन आज मैं बता देना चाहता हूं कि मैंने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी अपनी मेहनत के बूते पास की थी और आज राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती भी मेहनत करके ही पास की है। यह कहना है परमेश्वर चौधरी का, जिन्होंने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (RAS) परीक्षा-2023 में तीसरी रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और लगन के साथ-साथ समाज के तिरस्कार को सहने का दर्द भी छिपा है। परमेश्वर अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड के रलावता गांव के रहने वाले हैं। परमेश्वर का परिवार साधारण है। पिता किसान हैं। मां गृहिणी हैं। परिवार में उनसे पहले कोई भी प्रशासनिक सेवा में नहीं रहा। परमेश्वर की इस सफलता ने उनके गांव और परिवार का नाम रोशन किया है। गांव के टीचर ने दी थी प्रशासनिक सेवा में जाने की सलाह
परमेश्वर बताया कि मैं पढ़ाई में अच्छा था। जब मैं 12वीं क्लास में पढ़ रहा था, तभी गांव के टीचर हरिवल्लभ जी ने मुझे प्रशासनिक सेवा में जाने की सलाह दी। उसी दिन से मैंने अफसर बनने की ठान ली थी और इसके लिए कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। 2018 में लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में चयन
परमेश्वर ने बताया- 2018 में लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में चयन के बाद मैंने RAS परीक्षा दी। इसमें प्री और मेंस तो क्लियर किया, लेकिन इंटरव्यू में 1604वीं रैंक आई। इसके बाद मैंने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 दी और उसमें भी सफलता हासिल की। लेकिन इसी भर्ती को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान मैंने RAS परीक्षा-2023 दी। कोर्ट में SI भर्ती का विवाद चल रहा था और उसी समय मेरा RAS इंटरव्यू शेड्यूल हुआ। इंटरव्यू में मुझसे स्वच्छ भारत मिशन और केंद्र सरकार के नए कानूनों पर सवाल पूछे गए, जिनका मैंने आत्मविश्वास से जवाब दिया। मेहनत का नतीजा रहा कि RAS-2023 में मैंने तीसरा स्थान हासिल किया। RAS-2024 परीक्षा का मेंस भी क्लियर किया
परमेश्वर ने बताया कि मैंने RAS-2024 परीक्षा का प्री और मेंस भी क्लियर कर लिया है और इंटरव्यू की तैयारी कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि अब मैं समाज के लिए कुछ सार्थक करने और ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने का काम करूंगा। पहले विवादित SI, अब RAS, इन युवाओं ने साबित की अपनी काबिलियत
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2023 में उन अभ्यर्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, जिन्होंने पहले विवादित SI भर्ती-2021 में सफलता हासिल की थी। इन अभ्यर्थियों ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत व लगन से RAS परीक्षा में सफलता प्राप्त की। परमेश्वर चौधरी ने तीसरी रैंक हासिल की है। वहीं, रिछपाल गोदारा ने 12वीं, दीपक शेखावत ने 226वीं, राजीब दाबीर ने 227वीं, मनीष मीणा ने 306वीं, रजनीश गुर्जर ने 404वीं और उमा व्यास ने 1397वीं रैंक हासिल की है। इन सभी का चयन पहले SI-2021 भर्ती में हुआ था और उसके बाद इन्होंने EO/RO परीक्षा में भी सफलता हासिल की। ………… ये खबर भी पढ़ें… RAS-2023 रिजल्ट में अजमेर के कुशल चौधरी को पहली रैंक:गार्ड की बेटी बनीं अफसर; पिता को फोन कर कहा- पापा मैं RAS बन गई राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (RAS) परीक्षा-2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। टॉप-10 में अजमेर और नागौर जिले से 3-3 कैंडिडेट हैं। पढ़ें पूरी खबर ट्रक ड्राइवर का बेटा बना RAS अफसर:दूसरे प्रयास में मिली सफलता, इंटरव्यू में रूस-यूक्रेन विवाद पर पूछा था सवाल बीकानेर के कोलायत के रहने वाले विकास सियाग ने 10वीं रैंक हासिल की है। विकास के पिता ट्रक ड्राइवर हैं और मां गृहिणी हैं। विकास ने दूसरे प्रयास में RAS क्लियर किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
