एनडीपीएस कोर्ट जोधपुर ने 14 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम के मामले में महिला आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने यह फैसला सुनाया है। साल 2012 में हुई इस कार्रवाई के दौरान महिला के घर में बनी रसोई से अफीम बरामद हुई थी। इसके साथ ही उसके घर से मादक पदार्थ के हिसाब-किताब की डायरी भी मिली थी। दिसंबर 2012 में हुई थी कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में पेश की गई थी चार्जशीट विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने बताया कि 11 दिसंबर 2012 को ओसियां पुलिस थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजीव भादू ने श्रवणराम के रेलवे पटरी के पास ओसियां स्थित मकान पर दबिश दी थी। वहां रसोई में छिपाकर रखी गई 300 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई थी। इसके साथ ही मौके से अफीम की खरीद-फरोख्त के हिसाब-किताब की डायरियां और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने घर में मौजूद श्रवणराम की पत्नी मुन्नी देवी को गिरफ्तार किया था। मुन्नी देवी ने बताया कि उसका पति अवैध अफीम बेचने का काम करता है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की थी। महिला आरोपी को 2 साल की कठोर सजा सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने कोर्ट में दलील दी कि समाज में अवैध मादक पदार्थों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह एक गंभीर प्रकृति का अपराध है। आरोपी के महिला होने के बावजूद समाज पर इसके पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उसे कठोरतम सजा दी जाए। वहीं, बचाव पक्ष ने महिला होने के नाते कोर्ट से नरमी बरतने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस संख्या-1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों, 48 दस्तावेजी साक्ष्यों और 5 आर्टिकल्स के आधार पर आरोपी मुन्नी देवी को दोषी माना। कोर्ट ने उसे अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 2 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।