सवाई माधोपुर में अब रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) किया जा सकेगा। इसके साथ ही अपेक्स रणथंभौर सेविका हॉस्पिटल इस सुविधा की शुरुआत करने वाला जिले का पहला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बन गया है। इस अवसर पर बुधवार को अस्पताल परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) एसपी सिंह रहे। कार्यक्रम में रोबोटिक तकनीक के विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कांता प्रसाद मौजूद रहे। यह है रोबोटिक तकनीक
रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण में सर्जरी सर्जन ही करते हैं, जबकि रोबोट एक अत्यधिक सटीक उपकरण के रूप में उनकी सहायता करता है। यह क्षतिग्रस्त हड्डी को बेहद सटीकता से काटने और कृत्रिम जोड़ (आर्टिफिशियल इम्प्लांट) को सही स्थान पर स्थापित करने में मदद करता है। इससे सर्जरी के दौरान कम ऊतकों (टिश्यू) को नुकसान पहुंचता है और मरीज की रिकवरी भी बेहतर और तेज होती है। यह पारंपरिक घुटना प्रत्यारोपण तकनीक की तुलना में अधिक प्रभावी और सटीक मानी जाती है। लोगों ने समझी पूरी प्रक्रिया
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को बताया कि पहले घुटना प्रत्यारोपण किस प्रकार किया जाता था और अब रोबोटिक तकनीक के माध्यम से यह प्रक्रिया किस तरह अधिक सटीक और आधुनिक तरीके से की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन अपेक्स रणथंभौर सेविका हॉस्पिटल के यूनिट हेड अभिमन्यु सिंह ने किया। इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा, फिजिशियन डॉ. भानुप्रताप सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गणपत लाल वर्मा और सेविका के नर्सिंग सुपरिटेंडेंट नावेद खान भी मौजूद रहे।
