बूंदी जिले में राज्य सरकार के ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कर रहे हैं। हिंडोली उपखंड की ग्राम पंचायत खेरखटा में आयोजित ऐसे ही एक शिविर ने दो परिवारों की 20 साल पुरानी समस्याओं का समाधान किया है। खेरखटा निवासी मदन गुर्जर पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने मकान का पट्टा नहीं मिलने के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। उन्हें अपने आशियाने का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने ग्राम पंचायत खेरखटा के ग्रामीण सेवा शिविर में पट्टे के लिए आवेदन किया। पंचायत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसी दिन शिविर प्रभारी के माध्यम से उन्हें पट्टा सौंप दिया। दो दशक बाद पट्टा मिलने पर मदन भावुक हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और ग्रामीण सेवा शिविरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें अपने घर का हक मिलेगा। इसी शिविर में राजस्व गांव बंधा का खेड़ा निवासी एक महिला की भी समस्या का समाधान हुआ। राजस्व रिकॉर्ड में ‘विमला’ नाम दर्ज होने की त्रुटि के कारण वह 20 वर्षों से किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रही थीं। उन्होंने शिविर प्रभारी को प्रार्थना पत्र दिया। भू-राजस्व अधिनियम की धारा 136 के तहत पटवारी और भू-अभिलेख निरीक्षक ने प्रस्ताव तैयार कर तहसीलदार हिंडोली को भेजा। उपखंड अधिकारी ने तुरंत अनुमोदन कर दिया, जिसके बाद ‘विमला’ का नाम सुधरकर ‘निर्मला देवी’ हो गया। नाम शुद्ध होते ही निर्मला देवी के चेहरे पर खुशी आ गई। उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शिविरों से ग्रामीणों की किस्मत बदल रही है और लोगों को उनका अधिकार व सम्मान मिल रहा है।
