राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव क्षेत्र की ग्रीन मार्बल खदान से करीब 150 टन वजनी विशाल पत्थर निकाला गया है। इस पत्थर से तमिलनाडु के कृष्णागिरी स्थित पद्मावती मंदिर के लिए भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा तैयार की जाएगी। इस पूरे काम की जिम्मेदारी जयपुर के मूर्तिकार नवीन शर्मा और उनकी टीम संभाल रही है। करीब दो महीने तक चले अभियान के बाद इस विशाल पत्थर को खदान की गहराई से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके लिए अहमदाबाद से 700 टन क्षमता की क्रेन मंगाई गई। सोमवार को 150 टन के इस पत्थर के साथ 65 टन और 35 टन वजन के अन्य ग्रीन मार्बल ब्लॉक भी विशेष लॉरियों के जरिए कृष्णागिरी के लिए रवाना किए गए। दो महीने तक चला पत्थर निकालने का काम मूर्तिकार नवीन शर्मा ने बताया- 150 टन वजनी इस ग्रीन मार्बल ब्लॉक को निकालने में करीब दो महीने का समय लगा। इतने बड़े आकार के पत्थर को बिना नुकसान पहुंचाए खदान से बाहर लाना आसान नहीं था। इसके लिए पहले पत्थर की कटिंग की गई और फिर चरणबद्ध तरीके से उसे अलग कर बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। 700 टन की क्रेन से बाहर निकाला गया पत्थर नवीन शर्मा ने बताया- पत्थर को खदान की गहराई से बाहर लाने के लिए अहमदाबाद से 700 टन क्षमता की विशेष क्रेन मंगाई गई। आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञों की टीम की मदद से पत्थर को सुरक्षित उठाकर विशेष लॉरी पर रखा गया। इसके बाद सड़क मार्ग से इसे तमिलनाडु के कृष्णागिरी के लिए रवाना किया गया। सभी पत्थरों को विशेष परिवहन व्यवस्था के तहत अलग-अलग लॉरियों में रवाना किया गया। 30 से 45 दिन में पहुंचेगी खेप पत्थरों के बड़े आकार और भारी वजन को देखते हुए इनके परिवहन के लिए विशेष लॉरियों का इस्तेमाल किया गया है। अनुमान है कि यह खेप 30 से 45 दिनों में कृष्णागिरी पहुंचेगी। वहां प्रतिमा निर्माण और मंदिर से जुड़े अन्य कार्य शुरू किए जाएंगे। जयपुर की टीम संभाल रही है पूरा प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट में जयपुर के मूर्तिकार नवीन शर्मा और उनकी टीम पत्थर के चयन से लेकर उसे सुरक्षित निकालने और कृष्णागिरी तक भेजने की पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाल रही है। प्राकृतिक ग्रीन मार्बल के इतने बड़े ब्लॉक को सुरक्षित निकालना और सैकड़ों किलोमीटर दूर पहुंचाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसी कारण इस पूरे अभियान की तैयारी कई चरणों में की गई।