फरीदकोट शहर में एक बार फिर सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आहवान पर नगर काउंसिल के सफाई कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं स्थायी करने समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले फरीदकोट में वेतन को लेकर सफाई कर्मचारियों ने लगातार 15 दिन हड़ताल की थी। जिसे इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल के प्रयास से 2 दिन पहले भी खत्म करवाया गया था और अब कर्मचारियों ने प्रदेश कमेटी के फैसले के अनुसार कामकाज ठप कर दिया है। इससे शहर में दोबारा कूड़े के ढेरों से लोगों की परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। जानकारी के अनुसार पंजाब भर के सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने 5 दिनों तक की थी हड़ताल इसी साल कर्मचारियों ने 6 मई से 21 मई तक 15 दिनों तक हड़ताल की थी, जिसके बाद सरकार ने एक माह का भरोसा देकर हड़ताल खत्म करवा दी थी। लेकिन डेढ़ माह बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार को एक बार से राज्य स्तरीय हड़ताल शुरू कर दी गई है जिसका फरीदकोट में असर देखने को मिला। इससे पहले फरीदकोट के सफाई कर्मचारियों ने हाल ही में वेतन न मिलने के विरोध में अलग से करीब दो सप्ताह तक हड़ताल की थी। यह हड़ताल केवल दो दिन पहले ही समाप्त हुई थी, लेकिन अब राज्यव्यापी हड़ताल शुरू होने से शहर में फिर से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। प्रदर्शनकारी बोले- मंत्री ने एम महीने में मांगे पूरी करने का भरोसा दिया था इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बीती 21 मई 2026 को राज्य स्तर की हड़ताल को खत्म करवाते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सफाई कर्मचारियों को एक माह में मांगे पूरी करने का भरोसा दिया था। लेकिन सरकार ने उसके बाद कोई सुधार नहीं ली जिससे मजबूर होकर वह दोबारा हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं दो दिन पहले खत्म हुई हड़ताल के संदर्भ में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह हड़ताल स्थानीय स्तर पर वेतन ने मिलने के रोष में की गई थी और इसका प्रदेश स्तरीय संघर्ष से कोई संबंध नहीं है।
