अजमेर में 9 साल पहले पति ने पहली पत्नी के साथ मिलकर दूसरी पत्नी के सिर पर ईंट-पत्थरों से हमला कर चाकू से गला रेंतकर हत्या कर दी थी। मामले में नौ साल पुराने हत्याकांड में एडीजे कोर्ट-3 ने मंगलवार को पति सहित पहली पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। दोषी ठहराए गए आरोपी उत्तर प्रदेश जिला इलाहाबाद निवासी राजन केसरी और उसकी पहली पत्नी शालू केसरी हैं। दूसरी पत्नी ज्योति आरोपी पति राजन से पहली पत्नी को छोड़ने के लिए लगातार दबाव बनाती थी। वहीं रोज लड़ाई करती थी। इससे परेशान होकर पति राजन ने पहली पत्नी के साथ मिलकर गुरुग्राम से अजमेर आकर एक किराए के मकान में पत्नी ज्योति की हत्या कर दी थी। एडीजे कोर्ट-3 के न्यायाधीश नीरज गुप्ता ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता हरदेव सिंह रावत ने पैरवी की। मामले में अभियोजन पक्ष ने ट्रायल के दौरान 30 गवाहों के बयान कराए। इसके अलावा 97 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। इनके आधार पर कोर्ट ने हत्या का आरोप सिद्ध माना। दोनों आरोपी तीन साल से जमानत पर थे। इसके बाद आरोपी मंगलवार को सुनवाई के लिए कोर्ट आए। आजीवन कारावास की सजा सुनाते ही महिला रोने लगी। 2017 को किराए का मकान लेकर रुके, हत्या कर भागे कृष्णगंज थाना क्षेत्र में ईदगाह स्थित एक किराए की कोठरी में यह वारदात हुई थी। बालाजी नगर निवासी मकान मालिक रामकृष्ण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 19 मई 2017 को राजन केसरी अपनी पहली पत्नी शालू, दूसरी पत्नी ज्योति और तीन माह की बेटी के साथ किराए पर रहने आया था। इससे पहले सभी गुरुग्राम से अजमेर आए थे और एक होटल में रुके थे। अभियोजन के अनुसार- 20 मई 2017 को राजन और शालू ने मिलकर ज्योति के सिर पर ईंट और पत्थरों से हमला किया। इसके बाद चाकू से गला रेंतकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने कमरे पर बाहर से ताला लगा दिया था। वहीं तीन माह की बच्ची को साथ लेकर फरार हो गए थे। चार दिन बाद बदबू आने पर खुला था हत्याकांड 24 मई 2017 को मकान मालिक अपनी कोठरी पर काम कराने पहुंचा। कमरे के बाहर ताला लगा था और अंदर से तेज बदबू आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर देखा तो सड़ा हुआ महिला का शव मिला। सूचना पर कृष्णगंज थाना पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान खून से सने कपड़े और मृतका का मोबाइल पास के एक प्लॉट से बरामद किया गया। इंदौर और गुरुग्राम से हुई गिरफ्तारी पुलिस ने जांच के दौरान 29 मई 2017 को आरोपी पति राजन केसरी को इंदौर और पहली पत्नी शालू केसरी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। दोनों के साथ मौजूद तीन महीने की बच्ची को भी सुरक्षित डिटेन किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। मामले का ट्रायल चला और करीब तीन साल से दोनों आरोपी जमानत पर बाहर थे। पहली पत्नी के साथ रहने को लेकर था विवाद पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजन ने पहले शालू से विवाह किया था। बाद में ज्योति से दूसरी शादी कर ली थी। दूसरी पत्नी ज्योति अपने पति को पहली पत्नी शालू के साथ नहीं रहने देना चाहती थी। इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद होता था। इसी विवाद के चलते राजन और शालू ने मिलकर ज्योति की हत्या की साजिश रची। उसे गुरुग्राम से अजमेर लाए और योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी। 30 गवाह और 97 दस्तावेज बने अहम साक्ष्य मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने 30 गवाहों के बयान कराए और 97 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
