बांसवाड़ा की गढ़ी पुलिस ने 6 महीने से फरार एक ऐसे शातिर ठग को पकड़ा है जिसने एक ही लग्जरी कार 5 बार बेचकर लाखों की ठगी की। इससे पहले वह युवाओं को एक NGO में नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठग चुका है। जिसका मामला जिले के दानपुर थाने में दर्ज है। गढ़ी थाना इंचार्ज रमेशचंद्र मीणा ने बताया- 16 जनवरी 2026 को परतापुर (बांसवाड़ा) निवासी यशवंत सिंह राव ने गढ़ी थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया। यशवंत ने बताया- आरोपी जिगर भट्ट (28) पुत्र नरेंद्र ने मई 2025 में अपनी महिंद्रा XUV कार 20 लाख रुपए में बेचने का झांसा दिया था। मैंने उसे 18 लाख रुपए कैश दिए और कार ले ली। इसके कुछ दिन बाद उसने कार से जयपुर जाने की रिक्वेस्ट की। मैंने उस पर विश्वास कर कार दे दी। वह कार और पैसे लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन वो हाथ नहीं लगा। बांसवाड़ा एसपी ने उस पर 10 हजार का इनाम भी रखा। अब पुलिस ने उसे जयपुर से डिटेन कर गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ की तो पता चला कि वह कार बेचकर ठगी करने की 5 वारदातें कर चुका है। शातिर ने पूछताछ में कबूल की वारदातें गढ़ी पुलिस को जिगर भट्ट ने बताया- यशवंत के पास से पैसा और कार लेकर मैं सागवाड़ा (बांसवाड़ा) पहुंचा। आखिरकार 3 जून 2026 को जयपुर की अशोकनगर थाना पुलिस कार को प्रतापनगर (सांगानेर) से बरामद कर लिया और लाकर थाने में खड़ी कर दी। लगातार वारदात कर बदलता रहा ठिकाने हर वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। आरोपी को पकड़ने के लिए बांसवाड़ा की गढ़ी पुलिस 2 बार जयपुर आई और संभावित ठिकाने पर दबिश दी। लेकिन जिगर भट्ट पकड़ में नहीं आया। जानकारी के सामने आया कि फरारी के दौरान वह माता-पिता और पत्नी के साथ जयपुर में किराए पर फ्लैट लेकर रहा था। गढ़ी पुलिस ने आरोपी को उसके गांव खेड़ा (बांसवाड़ा) से गिरफ्तार किया। NGO में जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी शातिर ठग जिगर भट्ट ने सिर्फ लग्जरी कार के जरिए ही ठगी की वारदात नहीं की। बल्कि इससे पहले वह शौर्य फाउंडेशन में लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने भी ठग चुका है। इससे संबंधित एक मुकदमा उसके खिलाफ दानपुर (बांसवाड़ा) में दर्ज हुआ था। इसी मामले की जांच बांसवाड़ा DSP मनीष चारण कर रहे हैं। पूछताछ के लिए आरोपी उनकी कस्टडी में हैं। आरोपी की दो दिनों की पिसी रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही हैं।
