पठानकोट जिले के हल्का सुजानपुर स्थित गांव कुठेड़ के वार्ड नंबर 4 में लंबे समय से पेयजल संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के बीच वार्ड के निवासियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के समक्ष कई बार समस्या उठाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में सप्ताह में केवल एक या दो बार ही पानी की आपूर्ति होती है। कई बार तो नलों में कई दिनों तक पानी नहीं आता। इस कारण लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों और खेतों से पानी लाना पड़ता है। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोग बोले- 3 सालों से विभाग से लगा रहे गुहार ग्रामीण जीत सिंह ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से वे लगातार पानी की समस्या को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। हालांकि, उन्हें हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि वार्ड में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, और गर्मी के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। एक अन्य ग्रामीण लखविंदर उर्फ लक्की ने नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने और चुनाव के बाद समस्याओं पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर विभाग कभी मोटर खराब होने, कभी कम वोल्टेज और कभी ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचता रहता है। पानी की कमी से लोग प्रभावित पानी की कमी के कारण घरों का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कई परिवारों को शौचालय और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने में मुश्किल हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड नंबर 4 में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर न हो। उन्होंने क्षेत्र में पर्याप्त क्षमता वाला ट्रांसफार्मर, नई मोटर और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।